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क्या आपका AC भी खा रहा है ज्यादा बिजली? टेंपरेचर से लेकर फिल्टर तक, तुरंत चेक करें ये चीजें

AC चलाने के बाद भी अगर बिजली का बिल उम्मीद से ज्यादा आ रहा है, तो इसकी वजह सिर्फ ज्यादा इस्तेमाल नहीं हो सकती. जानिए AC चलाते समय किन बातों का ध्यान रखकर बिल को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है.

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गर्मियों में एसी राहत तो देता है लेकिन कई घरों में महीने का बिजली बिल देखते ही पसीना छूट जाता है. अगर एसी रोज चल रहा है और उसके बावजूद कमरे में मनमुताबिक ठंडक नहीं मिल रही, तो सिर्फ ज्यादा इस्तेमाल को इसकी वजह मानना सही नहीं होगा. कई बार AC की गलत सेटिंग, गंदा फिल्टर जैसे कुछ वहजें भी बिजली की खपत बढ़ा सकती हैं. ऐसे में कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर AC की कूलिंग बेहतर रखने और बिजली की खपत को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है.

16-18 डिग्री पर AC चलाना पड़ सकता है भारी

कमरा जल्दी ठंडा करने के लिए कई लोग AC का तापमान 16 से 18 डिग्री तक कर देते हैं. लेकिन इससे कमरा जरूरी नहीं है कि उतनी ही तेजी से ठंडा हो जाए. AC को तय लिमिट तक पहुंचने के लिए कंप्रेसर ज्यादा समय तक चलाना पड़ सकता है, जिससे बिजली की खपत बढ़ सकती है. ऐसे में AC को 24 से 26 डिग्री के बीच रखने की कोशिश की जा सकती है. हालांकि सही टेंपरेचर कमरे के साइज, मौसम और आपकी सुविधा या जरूरत पर निर्भर करता है.

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गंदा फिल्टर भी बढ़ा सकता है बिजली का बिल

AC का फिल्टर लगातार इस्तेमाल के दौरान धूल और गंदगी से भर जाता है. इससे हवा का फ्लो प्रभावित हो सकता है और AC की कूलिंग कम हो सकती है. नतीजा यह होता है कि कमरे का तापमान बनाए रखने के लिए सिस्टम को ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है. अगर AC काफी देर चलते के बाद भी कमरा ठीक से ठंडा नहीं कर रहा है तो सबसे पहले फिल्टर चेक करें. निर्माता के निर्देश के मुताबिक फिल्टर को नियमित रूप से साफ करते रहें और जरूरत पड़ने पर AC की सर्विस भी कराएं.

कमरे में धूप का आना भी परेशानी

कमरे की खिड़कियों सीधे धूप आने पर अंदर का तापमान तेजी से बढ़ सकता है. इसी तर दरवाजे या खिड़कियां बार-बार खुलने से बाहर की गर्म हवा कमरे में आती रहती है. ऐसी स्थिति में एसी को कमरे को ठंडा रखने के लिए ज्यादा समय तक करना पड़ सकता है. दिन में पर्दे या प्लाइंड्स लगातर सीधी धूप को रोका जा सकता है. 

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AC का सही मोड चुनना भी जरूरी

AC में अलग-अलग मोड दिए जाते हैं और उनका इस्तेमाल कमरे की स्थिति के हिसाब से करना चाहिए. सामान्य कूलिंग के लिए Cool Mode इस्तेमाल किया जा सकता है. वहीं अगर मौसम में नमी ज्यादा है तो कुछ परिस्थितियों में Dry Mode मदद कर सकता है. हालांकि ड्राय मोड हर मौसम और हर कमरे में बिजली बचाने का सही विकल्प नही होता. बिजली की खपत AC के मॉडल, मौसम, चुने गए तापमान और इस्तेमाल के समय पर भी निर्भर करती है.

AC कम ठंडा कर रहा है तो सर्विस कराएं

अगर आपका AC पहले के मुकाबले कम कूलिंग कर रहा है, लगातार चलता रहता है या अचानक बिजली का बिल काफी बढ़ गया है, तो इसे नजरअंदाज न करें. कूलेंट लीकेज, कॉइल में गंदगी, सेंसर की समस्या या कंप्रेसर से जुड़ी खराबी इसकी वजह हो सकती है. ऐसी स्थिति में किसी तकनीशियन से AC की जांच करवाना बेहतर है. सिर्फ तापमान कम करने या मोड बदलने से हर मामले में बिजली का बिल कम नहीं होगा.

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AC की क्षमता और कमरे का साइज भी डालते हैं असर

बिजली की खपत केवल आपकी सेटिंग पर डिपेंड नहीं करती. एसी की पावर, उसकी रेटिंग, कमरे का साइज और रोजाना कितने घंटे AC चलाया जा रहा है,इन सभी चीजों का असर बिजली के बिल पर पड़ता है.

ये भी पढ़ें- AC को कितने घंटे तक लगातार चलाना सही? 90% लोग करते हैं ये गलती!

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First published on: Sep 22, 2026 08:32 AM

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About the Author

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत

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