---विज्ञापन---

कौन हैं टेलीग्राम के CEO पावेल डुरोव? अरबों की संपत्ति फिर भी जीते हैं ‘बंजारा’ जीवन; राष्ट्रपति से ले लिया था पंगा

पावेल डुरोव ने अपनी शर्तों पर दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स में से एक 'टेलीग्राम' खड़ा किया. फोर्ब्स के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति अरबों डॉलर में है, लेकिन उनका जीवन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है.

---विज्ञापन---

केंद्र सरकार ने 21 जून को होने वाले NEET-UG 2026 के री-एग्जाम से पहले मैसेजिंग ऐप Telegram पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है. यह रोक 22 जून तक रहेगी, वहीं इसका मैसेज एडिट फीचर 30 जून तक ब्लॉक रहेगा. लेकिन सरकार ने केवल टेलीग्राम पर ही रोक क्यों लगाई, इसके पीछे की वजह जानने के लिए इस कंपनी के सीईओ के बारे में जानना जरूरी है.

आज के डिजिटल युग में जब डेटा ही सबसे बड़ा हथियार बन चुका है, तब एक शख्स ऐसा भी है जो दुनिया भर की खुफिया एजेंसियों और सरकारों के सामने यूजर प्राइवेसी की ढाल बनकर खड़ा है. यह कहानी है एक ऐसे टेक-टाइकून की, जिसने लोगों की प्राइवेसी की खातिर अपने ही देश के राष्ट्रपति से पंगा ले लिया. ‘रूस का मार्क जुकरबर्ग’ कहे जाने वाले पावेल डुरोव आज $15 बिलियन से ज्यादा की संपत्ति के मालिक हैं, लेकिन वे बिना किसी स्थायी घर के एक बंजारे की तरह जिंदगी जीते हैं.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें : Re-NEET एग्जाम से पहले बड़ा फैसला, टेलीग्राम पर लगाई गई अस्थायी रोक, 21 जून के लिए जानें कैसे हैं सिक्योरिटी के इंतजाम?

पावेल डुरोव ने अपनी शर्तों पर दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स में से एक ‘टेलीग्राम’ खड़ा किया. फोर्ब्स के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति अरबों डॉलर में है, लेकिन उनका जीवन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है.

---विज्ञापन---

पुतिन से टकराव

डुरोव का पहला बड़ा धमाका 2006 में ‘VKontakte’ (VK) था, जिसे रूस का फेसबुक कहा जाता है. उन्होंने इसे अपने भाई निकोलाई के साथ मिलकर बनाया था. हालांकि, 2011 में जब रूसी सरकार ने उनसे विपक्षी नेताओं के अकाउंट्स को ब्लॉक करने और डेटा साझा करने को कहा, तो उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया. उन्होंने विरोध में एक कुत्ते की फोटो पोस्ट की, जिससे सरकार के साथ उनका टकराव बढ़ गया. आखिर में उन्हें अपनी कंपनी बेचनी पड़ी और 2014 में उन्हें रूस छोड़ना पड़ा.

यह भी पढ़ें : Facebook Instagram Rules: डेथ के बाद कौन चलाएगा फेसबुक-इंस्टाग्राम अकाउंट? डिजिटल वसीयत लिख सकेंगे लोग, जानें क्या है प्लान

---विज्ञापन---

टेलीग्राम का जन्म

रूस छोड़ने के बाद, डुरोव ने एक सुरक्षित मैसेजिंग ऐप की जरूरत महसूस की. 2013 में उन्होंने ‘टेलीग्राम’ लॉन्च किया. टेलीग्राम की खासियत इसका एन्क्रिप्शन है, जिसकी वजह से यह दुनिया भर के उन लोगों की पहली पसंद बन गया जो अपनी प्राइवेसी को लेकर सतर्क हैं. आज टेलीग्राम के 90 करोड़ से ज्यादा मंथली एक्टिव यूजर्स हैं.

यह भी पढ़ें : Instagram से हटेगा एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन! अब सेफ पर्सनल मैसेजिंग के लिए इन 5 ऐप पर सकते हैं स्विच

---विज्ञापन---

घुमंतू जीवन

डुरोव की जीवनशैली काफी अलग है. वे किसी एक देश में नहीं रहते. बर्लिन, लंदन, सिंगापुर और सैन फ्रांसिस्को जैसे शहरों में रहे, लेकिन वर्तमान में वे दुबई में रह रहे हैं.

सादगी और अनुशासन

रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे अक्सर पूरी तरह काले कपड़े पहनते हैं. वे शाकाहारी हैं और उन्होंने कैफीन, अल्कोहल, मांस और दवाओं का त्याग कर रखा है. वे खुद को ‘लिबर्टेरियन’ मानते हैं और मानते हैं कि इंसान को सरकार के नियंत्रण से मुक्त होना चाहिए.

---विज्ञापन---

विवादों से नाता

डुरोव का जीवन विवादों से भी घिरा रहा है. टेलीग्राम पर आतंकी गतिविधियों और अवैध सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए उन पर कई सरकारों का दबाव रहता है. हाल ही में, पेरिस में उनकी गिरफ्तारी ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा, जिसके बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि वे प्लेटफॉर्म पर गलत सामग्री के खिलाफ ‘सख्त कदम’ उठाने के लिए तैयार हैं.

यह भी पढ़ें : SIM बदला तो WhatsApp बंद! क्या है सिम-बाइंडिंग और क्यों डर रही हैं मैसेजिंग Apps? यहां पढ़ें हर जरूरी बात

---विज्ञापन---

व्यक्तिगत जिंदगी

इनका जन्म रूस के लेनिनग्राद में 10 अक्टूबर 1984 में हुआ. इन्होंने सेंट पीटर्सबर्ग स्टेट यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है. डुरोव के तीन पूर्व गर्लफ्रेंड्स से छह बच्चे हैं. यह भी दावा है कि उन्होंने स्पर्म डोनेट किया है जिससे 12 देशों में 100 बच्चे पैदा हुए हैं.

First published on: Jun 16, 2026 11:08 PM

End of Article

About the Author

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola