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अब ट्रैफिक देखकर तय होगी हाईवे की चौड़ाई! 15 हजार से ज्यादा गाड़ियां हुईं तो बदल जाएगा आपके रूट का डिजाइन

NHAI ने नेशनल हाईवे निर्माण के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं. जानिए कैसे 15 हजार से 40 हजार गाड़ियों के ट्रैफिक लोड पर तय होगी 4 लेन और 6 लेन हाईवे की चौड़ाई.

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क्या आपने कभी सोचा है कि जिस नेशनल हाईवे पर आप गाड़ी दौड़ाते हैं, उसे 4 लेन बनाया जाए या 6 लेन- यह फैसला कैसे होता है? अब तक अलग-अलग प्रोजेक्ट्स में अलग-अलग नियम चल रहे थे, लेकिन अब NHAI (National Highways Authority of India) ने एक ऐसा मास्टर स्ट्रोक खेला है, जिससे दिल्ली, कानपुर, लखनऊ, पटना, जयपुर से लेकर मुंबई तक के सफर की तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है.

अब हाईवे की चौड़ाई किसी की मर्जी से नहीं, बल्कि सड़क पर दौड़ने वाली गाड़ियों की संख्या (Traffic Load) तय करेगी. एनएचएआई ने हाई-स्पीड एक्सेस-कंट्रोल्ड नेशनल हाईवे के निर्माण के लिए नया मास्टर प्लान और गाइडलाइंस जारी कर दी हैं. आइए, समझते हैं कि NHAI की नई गाइडलाइंस क्या हैं और इससे आपकी हाईवे राइड कितनी safe और smooth होने वाली है.

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गाड़ियों की गिनती तय करेगी, 4 लेन या 6 लेन?

NHAI की नई गाइडलाइन के मुताबिक, अब किसी भी नए हाईवे या फ्लाईओवर को डिजाइन करने से पहले वहां से गुजरने वाली गाड़ियों का हिसाब-किताब (Traffic Assessment) लगाया जाएगा.

गणित बिल्कुल साफ है:

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अगर किसी रास्ते पर गाड़ियों की संख्या 15 हजार से 25 हजार के बीच है, तो हाईवे भले ही 4 लेन का रहे, लेकिन आने वाले समय के ट्रैफिक को देखते हुए वहां के ओवरब्रिज और फ्लाईओवर पहले से ही 6 लेन के बनाए जाएंगे! ताकि बाद में रोड चौड़ी करते समय पुलों को दोबारा न तोड़ना पड़े.

हाईवे पर अचानक नहीं आएंगे आवारा पशु
रात के समय हाई-स्पीड हाईवे पर गाड़ी चलाते वक्त सबसे बड़ा डर अचानक किसी जानवर या इंसान का सामने आ जाना होता है. NHAI ने इस खतरे को जड़ से खत्म करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. हाईवे के बाहरी किनारों पर 1 मीटर ऊंची पक्की बाउंड्री वॉल बनाई जाएगी. इससे न तो आवारा पशु हाईवे पर आ सकेंगे और न ही कोई गैर-कानूनी तरीके से सड़क पर एंट्री (Unauthorised Entry) कर पाएगा.

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एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स पर बहुत पहले से बड़े-बड़े साइन बोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि तेज रफ्तार में भी ड्राइवर को अपनी लेन बदलने या उतरने का पूरा समय मिले.

एयरपोर्ट, पोर्ट और टूरिस्ट प्लेस से डायरेक्ट एंट्री
अक्सर देखा जाता है कि बड़े हाईवे तो बन जाते हैं, लेकिन वहां से किसी एयरपोर्ट, बंदरगाह (Port), इंडस्ट्रियल एरिया या टूरिस्ट प्लेस तक जाने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता है.

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नई गाइडलाइंस के तहत अब एक्सप्रेसवे, नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और भारी ट्रैफिक वाले जंक्शंस पर स्मार्ट इंटरचेंज और रैंप (Interchanges & Ramps) बनाए जाएंगे. पोर्ट, एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक्स पार्क और बड़े पर्यटन स्थलों को हाईवे से सीधे जोड़ने के लिए अलग से एग्जिट/एंट्री पॉइंट दिए जाएंगे.

अब तक अलग-अलग प्रोजेक्ट्स की डीपीआर (DPR) अलग-अलग मानकों पर बनती थी, जिससे कहीं सड़क चौड़ी तो कहीं अचानक संकरी हो जाती थी. NHAI के इस नए नियम से पूरे देश में एक समान टेक्निकल और सेफ्टी स्टैंडर्ड लागू होंगे. इसका सीधा मतलब है – कम एक्सीडेंट, बिना रुकावट का सफर और समय की भारी बचत.

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First published on: Sep 22, 2026 02:48 PM

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About the Author

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.

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