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बिजली गिरने से गई फुटबॉलर की जान! क्या आप जानते हैं आसमान से गिरने वाली बिजली कितने वोल्ट की होती है

फुटबॉल मैच के दौरान हुए एक दर्दनाक हादसे ने फिर से मौसम से जुड़े इस बड़े खतरे की ओर ध्यान खींचा है. जानिए इस आसमान से गिरने वाली बिजली में कितनी पावर होती है.

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Lightening Volt: बारिश का मौसम आते ही आसमान में आए दिन बिजली कड़कना आम बात हो जाती है. लोग भी बारिश के मौसम में बादलों की गरज और चमक को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन क्या आपको अंदाजा है कि आसमान से गिरने वाली बिजली (Bijli) एक पल में किसी की जान भी ले सकती है. हाल ही में फुटबॉल मैच के दौरान हुई एक दर्दनाक घटना ने इस खतरे की ओर ध्यान खींच लिया है. आइए जानते हैं कि आखिर ये कौन-सी घटना है और क्या वाकई आसमानी बिजली इतनी खतरनाक होती है और कितने वोल्ट की होती है.

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मैदान में कैसे हुआ दर्दनाक हादसा?

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो में नजर आया कि एक फुटबॉल मैच के दौरान बिजली गिरने से थाई फुटबॉलर की मौत हो गई. दरअसल ये फुटबॉल मैच दक्षिण थाईलैंड में खेला जा रहा था. इस फुटबॉल टूर्नामेंट का नाम था ‘गोलोक एफए कप’ (Golok FA Cup). खेल के दौरान ही अचानक बारिश होने लगी और इसी बीच आसमान से गिरी बिजली की चपेट में आने से 24 वर्षीय फुटबॉलर सोफवान अवाए (Sofwan Awae) की मौत हो गई.

आसमान से गिरने वाली बिजली कितने वोल्ट की होती है

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जो बिजली आमतौर पर हमारे घर में इस्तेमाल होती है, वह कम वोल्टेज की होती है. लेकिन, आपको जानकर हैरानी होगी कि आसमान से गिरने वाली बिजली लगभग 10 करोड़ से 30 करोड़ वोल्ट की होती है. जो बिजली हम घर पर इस्तेमाल कर रहे हैं उसकी तुलना में ये लाखों गुना ज्यादा है. इतना ही नहीं, आसमान से गिरने वाली बिजली की लंबाई लगभग 4 से 5 किलोमीटर तक हो सकती है. इसकी शक्ति का आप ऐसे अंदाजा लगा सकते हैं कि अगर ये हरे-भरे पेड़ों पर गिर जाए तो उन्हें जला सकती है.

इंसान के शरीर पर क्या असर पड़ता है?

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बिजली से लगने वाला झटका दिल, दिमाग और हमारे नर्वस सिस्टम पर असर डाल सकता है. इसके कारण जलन, बेहोशी और कार्डियक अरेस्ट जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. अगर फिर भी कोई इंसान बच जाता है तो उसे भी लंबे समय तक न्यूरोलॉजिकल समस्याएं बनी रह सकती हैं.

कैसे रखें खुद को सुरक्षित?

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  • अगर आप कहीं बाहर हैं, तो मौसम खराब होते ही खुले मैदान में न जाएं.
  • बिजली से खुद को बचाने के लिए किसी मजबूत इमारत या बंद गाड़ी में चले जाएं.
  • ऐसे मौसम में पेड़, बिजली के खंभे और धातु की वस्तुओं से दूर रहें.
  • अगर कोई भी आउटडोर कार्यक्रम चल रहा है तो उसे तुरंत रोक दें.

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First published on: Aug 06, 2026 02:35 PM

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About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.

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