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भारतीय राजनीति में युग का अंत, आजादी के बाद पहली बार देश के किसी भी राज्य में नहीं बची लाल सरकार

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के चुनावी नतीजों के बीच भारतीय राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है। आजादी के बाद पहली बार ऐसा हुआ है जब देश के किसी भी राज्य में वामपंथी (Left) सरकार नहीं बची है।

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4 मई 2026 का दिन भारतीय वामपंथी राजनीति के लिए एक बड़े झटके के रूप में दर्ज हो गया है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों और केरल की वर्तमान राजनीतिक स्थिति के बीच यह साफ हो गया है कि देश के किसी भी राज्य में अब वामपंथियों की सत्ता नहीं रही है।

79 सालों में पहली बार हुआ ऐसा

1947 में देश की आजादी के बाद से यह पहला मौका है जब भारत का राजनीतिक नक्शा पूरी तरह से ‘लाल’ (वामपंथ) मुक्त हो गया है। एक समय पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और केरल जैसे राज्यों में अजेय मानी जाने वाली वामपंथी पार्टियों का किला अब पूरी तरह ढह चुका है।

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प्रमुख अपडेट्स:
पश्चिम बंगाल का हाल:
कभी 34 सालों तक बंगाल पर राज करने वाले वामपंथियों को 2026 के चुनाव नतीजों में भी कोई बड़ी कामयाबी मिलती नहीं दिख रही है। यहां मुकाबला मुख्य रूप से तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच सिमट गया है।

केरल की स्थिति: केरल, जो वामपंथ का आखिरी गढ़ माना जा रहा था, वहां भी राजनीतिक समीकरणों ने वाम मोर्चे को सत्ता से बाहर कर दिया है।

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ऐतिहासिक संदर्भ: यह गिरावट दशकों से चली आ रही उस विचारधारा के लिए बड़ा संकट है जिसने भारतीय राजनीति और नीति-निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

इस बदलाव को भारतीय लोकतंत्र में एक बड़े वैचारिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जहां क्षेत्रीय दल और राष्ट्रीय पार्टियां (भाजपा व कांग्रेस) अब वामपंथ की खाली हुई जगह को भर रही हैं।

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First published on: May 04, 2026 05:28 PM

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About the Author

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.

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