एयरफोर्स के बेड़े में कब शामिल होगा LCA Mk 1A एयरक्राफ्ट? एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने बताया कहां आ रही दिक्कत
LCA Mk1A Aircraft: इंडियन एयरफोर्ट में काफी टेक्निकल डेवलपमेंट्स हो रहे हैं, इसके तहत एयर वाइस चीफ एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट Mk1A को लेकर अहम बातें कही हैं, साथ ही उन्होंने तरंग शक्ति 2026 के फायदे भी बताए हैं.
Written By: Shariqul Hoda|Updated: Sep 22, 2026 18:07
Edited By : Shariqul Hoda|Updated: Sep 22, 2026 18:07
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लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट Mk1A (Photo-HAL)
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Indian Air Force: एयर वाइस चीफ एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने कहा कि कुछ बचे हुए टेक्निकल टेस्ट पूरे होने के बाद भारतीय वायु सेना में लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) Mk1A को शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है. दिल्ली में इस एयरक्राफ्ट से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए दीक्षित ने कहा कि शुरुआत में सही इंजन न मिल पाने के कारण इस प्रोग्राम में देरी हुई थी. उन्होंने बताया कि अब जरूरी इंजन मिल गए हैं और उन्हें एयरक्राफ्ट में लगा दिया गया है.
कब तक सुलझेगा मसला?
वायु सेना अभी इस एयरक्राफ्ट को अपने बेड़े में औपचारिक रूप से शामिल करने से पहले इसकी डिटेल्ड टेस्टिंग कर रही है. आशुतोष दीक्षित के मुताबिक सिर्फ 2 या 3 टेक्निकल मुद्दों को दिखाना और सुलझाना बाकी है. उन्होंने भरोसा जताया कि अगले 1-2 महीनों में इन मुद्दों को सुलझा लिया जाएगा, जिसके बाद इसे शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी. उन्होंने ये भी कहा कि भारतीय वायु सेना LCA Mk1A को पाने के लिए बेकरार है.
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#WATCH | Delhi: Responding to ANI's question about the LCA Mark 1A, Vice Chief of Air Staff Air Marshal Ashutosh Dixit says, "HAL has already clarified the matter, and I would like to add that, initially, the delay was on the engine side. We could not get enough engines. Now we… pic.twitter.com/WjwK2JwTIR
आशुतोष दीक्षित ने तरंग शक्ति 2026 के बारे में भी बात की और इसे 2024 में इंडियन एयरफोर्स की तरफ से आयोजित मल्टीनेशनल एयर एक्सरसाइज का एक्सटेशन बताया. उन्होंने कहा कि विदेशी सहयोगियों के साथ भारत की वायु सेना की भागीदारी पारंपरिक रूप से बाइलेट्रल एक्सरसाइज पर फोकस्ड रही है. तरंग शक्ति ने भारत की तरफ आयोजित बड़े पैमाने की एक्सरसाइज के लिए कई अंतरराष्ट्रीय वायु सेनाओं को एक साथ लाकर एक बदलाव की शुरुआत की.
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#WATCH | Delhi: On Tarang Shakti 2026, Vice Chief of Air Staff Air Marshal Ashutosh Dixit says, "For many years, operational engagement with foreign air forces was largely conducted through bilateral exercises. We learned to operate with one partner at a time. Tarang Shakti… pic.twitter.com/8plO9C9iHf
खबरों के मुताबिक साल 2026 के एडिशन के लिए 65 मित्र देशों को इंविटेशन भेजा गया है. दीक्षित ने कहा कि ये एक्सरसाइज जंग के बदलते नेचर को दिखाएगी, जिसमें सटीक ऑपरेशन , इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस, बिना पायलट वाले सिस्टम , इंफॉर्मेशन कैपेबिलिटीज, स्पेस-बेस्ड एसेट और मल्टी-डोमेन ऑपरेशन का बढ़ती अहमियत शामिल है. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के तजुर्बे ने इंटेलिजेंस बेस्ड ऑपरेशन, सटीक हमले , इंटीग्रेटेड एयर और मिसाइल डिफेंस, काउंटर-ड्रोन कैपेबिलिटीज और अलग-अलग डोमेन के बीच तालमेल के अहमियत को और ज्यादा सामने लाया है.
अगली पीढ़ी की फाइटर टेक्नोलॉजी पर फोकस
पांचवीं और छठी पीढ़ी के फाइटर एयरक्राफ्ट के डेवलपमेंट पर आषुतोष दीक्षित ने भारत के स्वदेशी एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोग्राम पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना देश के अपने 5वीं पीढ़ी के फाइटर के विकास में सहयोग कर रही है और उसने इस प्रोजेक्ट के लिए कमिटेड टेक्निकल एक्सपर्टीज और कैपेबिलिटीज दी हैं.
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#WATCH | Delhi: Vice Chief of Air Staff Air Marshal Ashutosh Dixit says, "As regards the 5th generation, 6th generation question, there are two aspects to it. One is that we are developing our own 5th generation aircraft, AMCA, and the Indian Air Force has put all its weight and… pic.twitter.com/rOyE8tYT4e