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लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ही रहेंगे, सदन में ध्वनिमत से गिरा अविश्वास प्रस्ताव

अमित शाह के जवाब के बाद सदन में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग करवाई गई. वोटिंग के दौरान विपक्षी दलों ने जमकर नारेबाजी और हंगामा किया. (प्रशांत देव की रिपोर्ट)

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लोकसभा ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष के ‘नो कॉन्फिडेंस मोशन’ पर बुधवार को सदन में चर्चा हुई. विपक्ष की ओर से लाए गए इस अविश्वास प्रस्ताव पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब दिया. इस दौरान अमित शाह ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि स्पीकर की निष्ठा पर सवाल उठाने से देश के लोकतंत्र का अपमान हुआ है.

अमित शाह के जवाब के बाद सदन में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग करवाई गई. वोटिंग के दौरान विपक्षी दलों ने जमकर नारेबाजी और हंगामा किया. विपक्षी सांसद हंगामा करते हुए वेल में आ गए थे. इसके बाद लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया.

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इसके बाद लोकसभा को गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया.

अविश्वास प्रस्ताव पर बहस का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जब सदन के मुखिया पर आरोप लगाए जाते हैं तो उसका गलत संदेश सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में जाता है. उन्होंने कहा कि पिछले 75 वर्षों में संसद के दोनों सदनों ने लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने का काम किया है और ऐसे प्रस्ताव उस पर सवाल खड़े करते हैं.

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यह भी पढ़ें : ये लोकतंत्र का अपमान, उनकी निष्ठा पर सवाल नहीं उठा सकते – स्पीकर के खिलाफ ‘अविश्वास प्रस्ताव’ पर अमित शाह

‘नियमों के खिलाफ बोलने का अधिकार नहीं’

अमित शाह ने कहा कि सदन में बोलने के लिए नियमों का पालन करना अनिवार्य है. किसी भी सदस्य को नियमों के खिलाफ बोलने का अधिकार नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई सदस्य नियमों का उल्लंघन करता है तो अध्यक्ष के पास उसे रोकने या सदन से बाहर करने का अधिकार है. उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के निर्णयों पर इस तरह सवाल उठाना निंदनीय है.

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राहुल गांधी पर बिना नाम लिए टिप्पणी

बहस के दौरान गृह मंत्री ने बिना नाम लिए राहुल गांधी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सदन में सदस्यों को अधिकार मिला है, लेकिन विशेषाधिकार नहीं. शाह ने कहा,’जो लोग विशेषाधिकार के मुगालते में रहते हैं, उन्हें जनता भी संरक्षण नहीं देती. यही कारण है कि उनकी पार्टी लगातार छोटी होती जा रही है.’

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इसी दौरान उनके उस संदर्भ पर सदन में हंगामा हुआ जिसमें उन्होंने ‘फ्लाइंग किस’ वाले विवाद का जिक्र किया. हालांकि, उन्होंने राहुल गांधी का नाम नहीं लिया.

स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव पर सवाल

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है और सरकार उस पर चर्चा के लिए हमेशा तैयार रहती है, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने यह भी बताया कि स्पीकर के खिलाफ दिया गया पहला नोटिस गलत तारीख (2025) के साथ था, जिसे नियमों के तहत खारिज किया जा सकता था. इसके बावजूद लोकसभा सचिवालय ने उसे सुधारने का मौका दिया. दूसरे नोटिस में भी केवल गौरव गोगोई के हस्ताक्षर थे और बाकी सदस्यों के हस्ताक्षर की फोटोकॉपी लगाई गई थी, जिसे नियमों के अनुसार अस्वीकार किया जा सकता था. इसके बावजूद स्पीकर ओम बिरला ने सुधार का अवसर दिया और प्रस्ताव स्वीकार किया.

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विपक्ष पर चर्चा से भागने का आरोप

अमित शाह ने कहा कि विपक्ष अपने ही प्रस्ताव को गंभीरता से नहीं ले रहा है. उन्होंने दावा किया कि अविश्वास प्रस्ताव पर दिए गए 80 फीसदी भाषण स्पीकर के खिलाफ नहीं बल्कि सरकार के खिलाफ थे. गृह मंत्री ने कई विधेयकों का उदाहरण देते हुए कहा कि महत्वपूर्ण बिलों पर चर्चा के दौरान विपक्ष अक्सर हिस्सा नहीं लेता. उन्होंने कहा, ‘ये कहते हैं कि बोलने नहीं दिया जाता, लेकिन सच्चाई यह है कि ये बोलना ही नहीं चाहते.’

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कांग्रेस पर हमला

अमित शाह ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस चीन की बात करती है, जबकि उसके शासनकाल में 31 हजार वर्ग किलोमीटर जमीन चली गई. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को चीनी दूतावास से आर्थिक मदद भी मिली थी. उन्होंने विपक्ष पर चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट और लोकसभा अध्यक्ष जैसे संवैधानिक संस्थानों पर लगातार सवाल उठाने का आरोप लगाया. शाह ने कहा, ‘भाजपा का विरोध करते-करते विपक्ष भारत का विरोध करने लगा है.’

First published on: Mar 11, 2026 06:31 PM

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About the Author

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.

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