---विज्ञापन---

गड्ढों की अब खैर नहीं! AI और 3D लेजर से होगी भारतीय हाईवे की पहरेदारी, मिनटों में मिलेगी खराबी की रिपोर्ट

सरकार का कहना है कि यह पहल केवल निगरानी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सड़क की खामियों के पूरी तरह ठीक होने तक संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाएगी. (वरुण सिन्हा की रिपोर्ट)

---विज्ञापन---

देश के राष्ट्रीय राजमार्गों को पहले से अधिक सुरक्षित और बेहतर बनाने के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक बड़ा तकनीकी कदम उठाया है. अब राष्ट्रीय राजमार्गों की निगरानी के लिए अत्याधुनिक नेटवर्क सर्वे व्हिक्ल्स (NSV) तैनात की जा रही हैं, जो 3D लेजर, हाई-रिजोल्यूशन कैमरों और GPS तकनीक की मदद से सड़क की हर छोटी-बड़ी खामी का पता लगाएंगी.

ये हाईटेक वाहन सड़क पर चलते हुए गड्ढों, दरारों, पैचवर्क की खराबी और सड़क की असमानता को स्कैन करेंगे. इसके बाद यह डेटा सीधे AI आधारित सिस्टम में अपलोड होगा, जहां एक्सपर्ट टीम विश्लेषण कर आवश्यक मरम्मत की कार्रवाई सुनिश्चित करेगी.

---विज्ञापन---

80 KM से बढ़कर 300 KM रोजाना सर्वे

पहले जहां सड़क सर्वेक्षण के जरिए एक दिन में केवल 20 से 80 किलोमीटर तक का निरीक्षण हो पाता था, वहीं नई NSV तकनीक के जरिए अब रोजाना करीब 300 किलोमीटर सड़क का सर्वे किया जा सकेगा. इससे सड़क संबंधी समस्याओं की पहचान और समाधान दोनों की गति बढ़ेगी.

AI Data Lake से होगी निगरानी

NSV द्वारा जुटाई गई जानकारी सीधे NHAI के AI आधारित डेटा लेक पोर्टल पर अपलोड की जाएगी. इससे सड़कों की स्थिति पर रियल टाइम निगरानी रखी जा सकेगी और मरम्मत कार्यों में पारदर्शिता आएगी.

---विज्ञापन---

10 दिन में मिलेगी रिपोर्ट

सर्वे के बाद डेटा को 48 घंटे के भीतर केंद्रीय सर्वर पर भेजा जाएगा. इसके बाद विशेषज्ञ टीम उसका विश्लेषण करेगी और 10 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तैयार होगी. पहले इसी प्रक्रिया में 4 से 6 महीने तक का समय लग जाता था.

मोबाइल ऐप से होगी ऑन-साइट मॉनिटरिंग

नई व्यवस्था के तहत साइट इंस्पेक्टरों को एक मोबाइल ऐप भी दिया गया है, जिसके जरिए वे रियल टाइम में NSV रिपोर्ट देख सकेंगे. इसके अलावा जियो-टैग्ड फोटो अपलोड कर सकेंगे और मरम्मत कार्य की प्रगति ट्रैक कर सकेंगे.

---विज्ञापन---

सड़क सुरक्षा को मिलेगा बड़ा फायदा

सरकार का कहना है कि यह पहल केवल निगरानी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सड़क की खामियों के पूरी तरह ठीक होने तक संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाएगी. इससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यात्रियों को अधिक सुरक्षित व आरामदायक सफर मिलेगा.

First published on: Jun 11, 2026 10:29 PM

End of Article

About the Author

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola