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रुपया पहली बार 92.5 के पार, डॉलर के मुकाबले 92.62 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा

भारतीय मुद्रा ने आज 18 मार्च को इतिहास का सबसे काला दिन देखा, जब यह डॉलर के मुकाबले पहली बार 92.62 के स्तर पर जा गिरा। ईरान युद्ध की आग ने कच्चे तेल को इतना महंगा कर दिया है कि भारत का इंपोर्ट बिल बेकाबू हो गया है। आखिर कहां जाकर थमेगा रुपये का यह गिरता ग्राफ? क्या हम 93 रुपये की ओर बढ़ रहे हैं? जानिए इस रिकॉर्ड गिरावट के पीछे के 3 बड़े कारण और आप पर इसका क्या होगा असर।

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नई दिल्ली/मुंबई: भारतीय करेंसी रुपया (INR) के लिए आज का दिन (18 मार्च) ऐतिहासिक रूप से खराब साबित हुआ। मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में जारी ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी और विदेशी फंड्स की लगातार निकासी ने रुपये की कमर तोड़ दी है। बुधवार को शुरुआती कारोबार में ही रुपया 92.62 प्रति डॉलर के अपने अब तक के सबसे निचले स्तर (All-time Low) पर जा गिरा।

1.5% की भारी गिरावट: युद्ध का सीधा असर

जब से ईरान युद्ध शुरू हुआ है, तब से रुपया 1.5% से ज्यादा टूट चुका है। तुलनात्मक रूप से देखें तो इसी अवधि में चीन का युआन (Yuan) केवल 0.2% और सिंगापुर डॉलर 0.8% गिरा है। विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल के आयात पर भारत की भारी निर्भरता की वजह से रुपया अन्य एशियाई मुद्राओं के मुकाबले अधिक दबाव झेल रहा है।

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कच्चे तेल ने बिगाड़ा खेल
युद्ध शुरू होने के बाद से ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतों में करीब 40% का उछाल आया है। चूंकि भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा तेल आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने से भारत का आयात बिल (Import Bill) बढ़ गया है। इससे डॉलर की मांग बढ़ गई है और रुपये की वैल्यू कम हो गई है।

चीन बनाम भारत: बार्कलेज (Barclays) की चेतावनी
बार्कलेज के एशिया मैक्रो स्ट्रैटेजी हेड मित्तल कोटेचा के अनुसार, इस युद्ध का असर चीन और भारत पर अलग-अलग दिख रहा है। चीन के पास लगभग 1.2 बिलियन बैरल का विशाल कच्चा तेल भंडार (Reserves) है। इसके अलावा, मई 2025 से अब तक युआन रुपये के मुकाबले 15% मजबूत हो चुका है। भारत को तेल के झटके से निपटने में ज्यादा मुश्किल हो रही है।

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क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
एक्‍सपर्ट्स मानते हैं क‍ि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल सप्लाई रुकने की आशंका और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर आने वाले फैसले ने बाजार को डरा दिया है। फिलहाल रुपया 91.95 से 92.65 के दायरे में रह सकता है। डॉलर की आक्रामक मांग और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने रुपये को रिकॉर्ड निचले स्तर पर धकेला है। अब 92.70 का स्तर रुपये के लिए कड़ी चुनौती है।

First published on: Mar 18, 2026 03:40 PM

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About the Author

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.

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