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25 साल तजुर्बा, फिर सॉफ्टवेयर इंजीनियर की अचानक गई नौकरी, अब चलाते हैं स्कूल बस

आपने किसी इंडस्ट्री को अपनी जिंदगी के 25 बेशकीमती साल दिए हों, लेकिन फिर अचानक नौकरी से निकाल दिया जाए, तो जिंदगी 360 डिग्री टर्न हो जाती है. लेकिन लाइफ आगे बढ़ने का नाम है. आज हम एक ऐसे सॉफ्टवेयर क्वालिटी इंजीनियर बताने जा रहे हैं, जो अब स्कूल बस ड्राइवर हैं.

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Software Engineer Become School Bus Driver: टेक्नोलॉजी सेक्टर में तकरीबन 25 साल बिताने के बाद, पूर्व सॉफ्टवेयर क्वालिटी इंजीनियर जेम्स स्ट्रॉन ने करियर में एक अजीब मोड़ लिया है. किसी दूसरे टेक जॉब की लंबी और मुश्किल खोज के बाद, अमेरिका के कोलोराडो में रहने वाले आईटी प्रोफेशनल ने स्कूल बस ड्राइवर के तौर पर काम करना शुरू कर दिया है.

कब नौकरी से निकाला गया?

अगस्त 2025 में जेम्स स्ट्रॉन को एडोब डिजिटल वीडियो में सीनियर सॉफ्टवेयर क्वालिटी इंजीनियर की पोस्ट से हटा दिया गया था. उन्होंने टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में एक नए मौके की तलाश में एक साल से ज्यादा वक्त बिताया लेकिन कहा कि इस प्रॉसेस ने उन्हें निराश कर दिया. आखिरकार उन्होंने कॉर्पोरेट टेक्नोलॉजी की दुनिया से दूर जाने और अपने लोकल स्कूल के साथ एक पूरी तरह से अलग करियर बनाने का फैसला किया.

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एक नए चैप्टर की शुरुआत

लिंक्डइन पर इस नए कदम का ऐलान करते हुए जेम्स स्ट्रॉन ने पिछले साल को चैलेंजिंग बताया लेकिन कहा कि वो अपनी लाइफ का एक नया फेज शुरू करके खुश हैं. हालांकि उनकी नई नौकरी में उनकी पिछले जॉब की तुलना में काफी कम वेतन मिलता है, लेकिन स्ट्रॉन ने कहा कि वो काम का लुत्फ उठा रहे हैं. उन्होंने अपने कलीग्स को मददगार, मिलनसार और जमीन से जुड़ा हुआ बताते हुए पॉजिटिव माहौल पर बात की. उन्होंने मजाक में ये भी कहा कि बच्चों के साथ काम करने के अपने कुछ पल हो सकते हैं, लेकिन वो इस एक्सपीरिएंस को एन्जॉय कर रहे हैं.

मददगारों को किया याद

जेम्स स्ट्रॉन ने उन लोगों के प्रति भी आभार जताया जिन्होंने उनकी लंबे जॉब सर्च के दौरान उनका सपोर्ट किया. साथ ही, उन्होंने पूर्व एम्प्लॉयर्स और रिक्रूटर्स की आलोचना की जिन्होंने उनके एप्लिकेशंस को रिजेक्ट कर दिया या इग्नोर कर दिया, उन्होंने कहा कि उनका तजुर्बा टेक इंडस्ट्री के भीतर बड़ी परेशानियों को बयां करता है.

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लोगों का रिएक्शन

जेम्स स्ट्रॉन की पोस्ट ने सोशल मीडिया पर तेजी से सभी का अटेंशन खींचा, कई यूजर्स ने टेक इंडस्ट्री में छंटनी, हायरिंग प्रैक्टिसेज और एज डिस्क्रिमिनेशन के बारे में चिंताओं पर चर्चा की. कई लोगों ने उनके फैसले की तारीफ की और बताया कि स्कूल बस चलाना एक जिम्मेदार काम है जो सीधे बच्चों की सेफ्टी और वेल बीइंग में योगदान देता है.

First published on: Aug 17, 2026 08:02 PM

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About the Author

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

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