---विज्ञापन---

राम मंदिर चंदा चोरी: SC का SIT को आदेश- ‘जल्द पूरी हो जांच, स्टेटस रिपोर्ट करें दाखिल’

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या राम मंदिर से जुड़े चंदा विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को आदेश दिया है कि इस मामले की जांच जल्द पूरी की जाए और वक्त पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल किया जाए.

---विज्ञापन---

Ram Temple Donation Case: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार, 17 अगस्त 2026 को अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान को मैनेज करने में कथित गड़बड़ियों की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को निर्देश दिया कि वो बिना किसी री के अपनी जांच पूरी करे और इसकी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करे.

‘सीलबंद लिफाफे सौंपें रिपोर्ट’

चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना भी शामिल थे, उन्होंने एसआईटी को सीलबंद लिफाफे में प्रोग्रेस रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया. कोर्ट ने जांच टीम से ये भी कहा कि वो इंवेस्टिगेशन की क्वालिटी और ट्रांस्पेरेंसी में सुधार के लिए अलग-अलग पक्षों की तरफ से दिए गए सुझावों की निष्पक्ष तौर पर जांच करें.

---विज्ञापन---

चंदा प्रबंधन में सुधार पर विचार

कोर्ट की बेंच ने संकेत दिया कि एसआईटी की रिपोर्ट की समीक्षा के बाद, वो मंदिर आने वाले भक्तों से मिलने वाले दान के मैनेजमेंट सिस्टम में सुधार को लेकर में निर्देश जारी कर सकती है. अदालत का ये ताजा निर्देश वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर हुई कई सुनवाइयों के बाद आया है.

27 जुलाई 2026 को, सुप्रीम कोर्ट ने आईजीपी किरण एस की अध्यक्षता वाली 4 सदस्यीय एसआईटी का संज्ञान लिया, जिसका गठन कथित चंदा चोरी की जांच के लिए किया गया था. यूपी सरकार से जांच में एक फोरेंसिक ऑडिटर को शामिल करने के लिए भी कहा गया था. कोर्ट ने पहले भी मंदिर के दान के प्रबंधन में सुधार के उपायों और ज्यादा पारदर्शिता की जरूरत पर जोर दिया था.

---विज्ञापन---

स्वतंत्र जांच की मांग

ये मामला जुलाई 2026 से सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन है. 20 जुलाई को, बेंच ने यूपी सरकार से एसआईटी के गठन की संभावना के बारे में जानकारी मांगी थी. एक हफ्ते पहले, उसने उत्तर प्रदेश पुलिस को स्टेटस रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया था.

आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह सहित कई पिटीशनर्स ने इंडिपेंडेंट और टाइम बाउंड इंवेस्टिगेशन की मांग करते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उनकी अर्जी में सीबीआई जांच के साथ-साथ मंदिर ट्रस्ट के फाइनेंस का फोरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की गई है. SIT की आने वाली रिपोर्ट से कोर्ट को जांच और अब तक उठाए गए कदमों के बारे में अपडेट मिलने की उम्मीद है.

---विज्ञापन---

First published on: Aug 17, 2026 03:32 PM

End of Article

About the Author

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola