Pawan Mishra
Read More
---विज्ञापन---
ऑपेरशन सिंदूर और अमेरिका-ईरान युद्ध के दौरान पूरी दुनिया ने ड्रोन की ताकत को देखा है. इसकी अहमियत को देखते हुए भारतीय रक्षा मंत्रालय ने ज्यादा से ज्यादा नई पीढ़ी की ड्रोन टेक्नोलॉजी को शामिल करने का फैसला लिया है और इसके लिए डिफेंस सेक्टर से जुड़े कई प्राइवेट कंपनी को भारी तादाद में ड्रोन बनाने के लिए कहा है. रक्षा सेक्टर से जुड़े IG Defence ने अपने स्वदेशी लॉन्ग रेंज वन-वे अटैक ड्रोन काल का पोखरण में सफल परीक्षण किया है. न्यूज 24 को मिली जानकारी के मुताबिक KAL को लंबी दूरी तक हमला करने के लिए डिजाइन किया गया है.
ये भी पढ़ें: लाइन ऑफ साइट फायरिंग में भारतीय-अमेरिकी सैनिकों ने साझा किए युद्ध …
ये ड्रोन एक बार में 1,000 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है और लगातार 7 से 8 घंटे तक उड़ान भरने में सक्षम है. आपको बता दें कि 50 से 60 किलो पेलोड यह ड्रोन ले जाने की ताकत रखता है. इस परीक्षण में ड्रोन के एयरफ्रेम, प्रोपल्शन एवियोनिक्स, और नेविगेशन सिस्टम की जांच की गई, जो पूरी तरह सफल रहा. इसे भारत की मानवरहित स्ट्राइक और कामिकेज यानी सुसाइड ड्रोन क्षमताओं के स्वदेशी विकास में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है. इस ड्रोन की टेस्टिंग ऐसे समय में की गई है, जब भविष्य में युद्ध के खतरे को देखते हुए लंबी दूरी तक हमला करने वाले ड्रोन और मानवरहित प्रणालियों की भूमिका लगातार बढ़ रही है.
ये भी पढ़ें: पहली बार भारत की धरती से जापानी लड़ाकू विमानों ने भरी उड़ान, वायुसेना …
न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।