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स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति मुर्मू का ‘एट होम’ रिसेप्शन, PM मोदी और CJI सूर्यकांत समेत कई दिग्गज हुए शामिल

80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में 'एट होम' रिसेप्शन का आयोजन किया. इस खास कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और सीजेआई सूर्यकांत समेत कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं. समारोह में केंद्रीय मंत्रियों और गणमान्य हस्तियों की मौजूदगी के साथ देश की समृद्ध सांस्कृतिक छटा भी देखने को मिली.

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देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक ‘एट होम’ रिसेप्शन का आयोजन किया. इस गरिमामय समारोह में देश की कई शीर्ष हस्तियों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख प्रतिनिधियों ने शिरकत की. समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष रूप से उपस्थित रहे. इसके अलावा पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपनी पत्नी सविता कोविंद के साथ पहुंचे. पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत भी इस खास शाम के साक्षी बने. कार्यक्रम में केंद्र सरकार के कई प्रमुख केंद्रीय मंत्री भी शामिल हुए.

क्या है राष्ट्रपति भवन का ‘एट होम’ रिसेप्शन?

स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस की शाम को राष्ट्रपति भवन में ‘एट होम’ रिसेप्शन का खास आयोजन होता है. अंग्रेजों के समय से चली आ रही चाय पार्टी की यह परंपरा आज देश के लोकतंत्र और संस्कृति का प्रतीक बन चुकी है. लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री के भाषण के बाद, शाम को देश के शीर्ष नेता, न्यायपालिका के प्रमुख, विदेशी राजदूत और खास नागरिक एक साथ राष्ट्रपति भवन में आयोजित ‘एट होम’ रिसेप्शन में मिलते हैं.

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ब्रिटिश हुकूमत के दौरान शुरू हुई थी परंपरा

‘एट होम’ रिसेप्शन की परंपरा भारत में ब्रिटिश हुकूमत के दौरान शुरू हुई थी. उस समय भारत के वायसराय अपनी आधिकारिक रिहाइश (जो आज राष्ट्रपति भवन है) में खास मौकों पर ब्रिटिश अफसरों, शाही मेहमानों और रियासतों के राजा-महाराजाओं के लिए गार्डन टी-पार्टी आयोजित करते थे. इसे ‘गवर्नर्स एट होम’ या ‘वायसराय एट होम’ कहा जाता था. इसका मकसद अनौपचारिक माहौल में बातचीत करना और कूटनीतिक संबंध मजबूत करना होता था.

आजादी के बाद कैसे बदला स्वरूप?

15 अगस्त 1947 को देश आजाद होने के बाद इस परंपरा को खत्म करने के बजाय इसे लोकतांत्रिक रंग दिया गया. देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के समय से यह स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के राष्ट्रीय समारोह का अहम हिस्सा बन गया. अब यह केवल रसूखदारों की महफिल नहीं रही, बल्कि इसमें देश का मान बढ़ाने वाले आम नागरिकों को भी खास न्योता मिलने लगा.

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रिसेप्शन में कौन-कौन होता है शामिल?

  • शीर्ष नेतृत्व: प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, पूर्व राष्ट्रपति, पूर्व प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता.
  • संवैधानिक प्रमुख: चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI), तीनों सेनाओं के प्रमुख और चुनाव आयुक्त.
  • विदेशी मेहमान: भारत में मौजूद विभिन्न देशों के राजदूत और उच्चायुक्त.
  • खास नागरिक: पद्म पुरस्कार विजेता, स्वतंत्रता सेनानी, राष्ट्रीय खेल पुरस्कार विजेता और समाज में बदलाव लाने वाले ‘अनसंग हीरोज’.

अमृत उद्यान में सजती है महफिल

यह समारोह आमतौर पर राष्ट्रपति भवन के प्रसिद्ध अमृत उद्यान के खुले लॉन में आयोजित किया जाता है. शाम की हल्की ठंडक या सुनहरी धूप में लोग एक-दूसरे को राष्ट्रीय पर्व की बधाई देते हैं और देश से जुड़े अहम मुद्दों पर सहज संवाद करते हैं.

First published on: Aug 15, 2026 08:52 PM

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About the Author

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.

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