---विज्ञापन---

10 से 19 साल की उम्र को WHO क्यों मानता है खास, इस दौरान शरीर में होते हैं ऐसे कौन-कौन से बदलाव?

हर उम्र में बदलाव होते हैं, लेकिन 10 से 19 साल के बीच होने वाले बदलाव बहुत ही मायने रखते हैं. यह वह दौर है जब बॉडी, दिमाग, इमोशन और लाइफस्टाइल तेजी से बदलती है. 

---विज्ञापन---

इंसान के लिए हर उम्र बहुत खास होती है. इस दौरान एक नहीं बल्कि कई तरह से बदलाव होते हैं. 10 से 19 साल की उम्र बचपन से जवानी की ओर बढ़ने का अहम पड़ाव है. विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि इसे किशोरावस्था कहा जाता है. यह सिर्फ शरीर में बदलाव का समय नहीं है, बल्कि इस दौरान सोचने, महसूस करने, फैसले लेने और लोगों के साथ जुड़ने के तरीके में भी तेजी से बदलाव आते हैं. WHO इस उम्र को अच्छी सेहत की नींव रखने के लिए बेहद जरूरी मानता हैं. ऐसा क्यों और शरीर में किस तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं. 

इसे भी पढ़ें- खाना निगलने में दिक्कत, कुछ अटका हुआ महसूस होना, डॉक्टर ने बताया गले में कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं

---विज्ञापन---

क्यों खास है 10 से 19 साल की उम्र?

WHO का कहना है कि किशोरावस्था में मेंटल और फिजिकल हेल्थ तेजी से होता है. इस दौरान बनने वाली कई आदतें आगे चलकर इंसान की सेहत पर लंबे समय तक असर डाल सकती हैं. खान-पान, नींद और दूसरी चीजों में कई तरह के बदलाव होते हैं. 

शरीर में तेजी से होते हैं ये बदलाव

इस उम्र में शरीर तेजी से बढ़ता है. हालांकि, हर इंसान में इन बदलावों का समय और रफ्तार अलग हो सकती है. WHO के मुताबिक, किशोरावस्था बदलाव का एक हिस्सा है. लंबाई और वजन में बदलाव, शरीर और हार्मोन से जुड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं. 

---विज्ञापन---

हार्मोनल बदलाव 

इस दौरान हार्मोनल बदलाव तेज होते हैं और शरीर धीरे-धीरे बदलने लगता है. लड़कियों में कई तरह के शारीरिक बदलाव देखने को मिलते हैं जैसे स्तनों में बदलाव, पीरियड्स की शुरुआत और शरीर के आकार में बदलाव आदि. लड़कों में आवाज में बदलाव, चेहरे पर बाल आना और मांसपेशियों का मजबूत होना जैसे बदलाव दिखाई दे सकते हैं. 

दिमाग और सोच में बदलाव

किशोरावस्था में दिमाग डेवलप होता है. WHO के अनुसार, इस दौरान अपनी जिंदगी से जुड़े फैसले लेने. और जिंदगी के तौर तरीके बदलता है. इसी उम्र में बच्चे धीरे-धीरे ज्यादा सोचने और तर्क देने लगते हैं. 

---विज्ञापन---

शरीर का अंगों में बदलाव 

इस दौरान बॉडी में की तरह के बदलाव होते हैं. इंसान बॉडी डेवलपमेंट से जुड़ता है और अंगों की ग्रोथ देखता है. बच्चे अपनी पसंद-नापसंद, पहचान और भविष्य को लेकर ज्यादा सोचने लगते हैं. WHO के अनुसार, इस उम्र में सीखना और रिश्ते निभाना भी सीखता है.

इसे भी पढ़ें- Uric Acid: किन गलतियों के कारण शरीर में बढ़ने लगता है यूरिक एसिड? कहीं आप भी तो नहीं कर रहे गलती

---विज्ञापन---

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

First published on: Aug 13, 2026 08:00 AM

End of Article

About the Author

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola