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रात में तेज खर्राटे लेते हैं? एम्स की गाइडलाइन के मुताबिक कब इसे गंभीरता से लेना चाहिए

इसको लेकर भी बताया गया है कि हर खर्राटा बीमारी का संकेत नहीं होता, लेकिन शरीर में कुछ लक्षण दिखाई दें तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. 

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रात में सोते समय खर्राटे लेना कई लोगों के लिए नॉर्मल बात लगती है, लेकिन अगर खर्राटे बहुत तेज हों, लगातार आते हों या उनके साथ सांस रुकने जैसी समस्या दिखाई दे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. एम्स नई दिल्ली के स्लीप मेडिसन विभाग के मुताबिक, अस्पताल में नींद से जुड़ी समस्याओं के लिए मरीजों को यहां देखा जाता है. बता दें कि यहां पर कई स्लीप लैब मौजूद हैं. यहां पर नींद से जुड़ी हर परेशानियों को हल किया जाता है. इसको लेकर भी बताया गया है कि हर खर्राटा बीमारी का संकेत नहीं होता, लेकिन शरीर में कुछ लक्षण दिखाई दें तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. 

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कब खर्राटे चिंता की वजह बन सकते हैं?

  • सोते समय सांस रुकना- अगर परिवार का कोई इंसान यह बताता है कि सोते समय आपकी सांस कुछ सेकंड के लिए रुकती है और फिर अचानक तेज सांस लेते हैं, तो यह Obstructive Sleep Apnea (OSA) का संकेत हो सकता है. 
  • रात में बार-बार घुटन या हांफने जैसा महसूस होना- खर्राटों के बीच अचानक हांफना, घुटन महसूस होना या नींद टूटना नॉर्मल खर्राटों से अलग संकेत हो सकता है. इसलिए आपको इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. 
  • दिनभर नींद और थकान रहना- रात में समय सोने के बावजूद दिनभर नींद आना, थकान रहना या काम के दौरान झपकी लेना भी नींद की क्वालिटी खराब होने का संकेत हो सकता है. 
  • कुछ बीमारियां पहले से होना- एम्स की गाइडलाइन में हाई ब्लड प्रेशर, टाइप-2 डायबिटीज, कोरोनरी आर्टरी डिजीज, हार्ट फेलियर, स्ट्रोक और कुछ चीजों को ओएसए का संकेत माना गया है. 

कब करानी पड़ सकती है स्लीप स्टडी?

सिर्फ खर्राटे देखकर OSA की पुष्टि नहीं होती. डॉक्टर लक्षणों के हिसाब से जरूरत पड़ने पर स्लीप स्टडी या स्लीप टेस्टिंग की सलाह दे सकते हैं. AIIMS में स्लीप लैब और स्लीप डिस्ऑर्डर क्लिनिक भी मौजूद है. आपका वहां भी टेस्ट हो सकता है.

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First published on: Aug 16, 2026 08:22 AM

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About the Author

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.

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