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DNA किट्स से लेकर फ्रीजर तक… बाढ़ के बाद इन चीजों की कमी से जूझ रहा नेपाल; दूसरे देशों मांगी मदद

शवों की पहचान के लिए भारत से 18 फॉरेंसिक एक्सपर्ट की स्पेशल टीम 29 अगस्त से नेपाल में तैनात है और डीएनए विश्लेषण में जुटी है.

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नेपाल में बाढ़ के बाद शवों के प्रबंधन और उनकी पहचान को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है. नेपाल सरकार ने दूसरे देशों से फ्रीजर, डीएनए टेस्टिंग किट, डिजास्टर विक्टिम आइडेंटिफिकेशन (DVI) किट, हाई-कैपेसिटी ड्रोन और ‘LiDAR’ तकनीक मुहैया कराने की आपात अपील की है.

मंगलवार सुबह तक बाढ़ प्रभावित इलाकों से 962 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि करीब 4,200 लोग अब भी लापता हैं. राहत और बचाव दलों ने अब तक 323 विदेशी नागरिकों सहित 10,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला है.

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दूसरे देशों से मांगी ये तकनीक

नेपाल के अखबार ‘राइजिंग नेपाल डेली’ की रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर पौडेल क्षेत्री ने बताया कि सरकार ने कई देशों से आवश्यक गैर-खाद्य सामग्री और तकनीकी सेवाओं मुहैया कराने की अपील की है. अमेरिका से फ्रीजर, डीएनए टेस्टिंग किट और जमीन के नीचे जांच के लिए LiDAR तकनीक मांगी गई है. वहीं, सिंगापुर से डिसास्टर विक्टिम आइडेंटिफिकेशन एक्सपर्ट टीम और हाई-कैपेसिटी ड्रोन्स मांगे गए हैं. चीन से जिन इलाकों से संपर्क टूट गया है, उनके लिए ‘बेली ब्रिज’ की मदद की अपील की गई है. इसके अलावा दक्षिण कोरिया और जापान से भी कई उपकरण मांगे गए हैं.

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भारत की फॉरेंसिक टीम तैनात

शवों की पहचान के लिए भारत से 18 फॉरेंसिक एक्सपर्ट की स्पेशल टीम 29 अगस्त से नेपाल में तैनात है और डीएनए विश्लेषण में जुटी है. इसके साथ ही टनल रेस्क्यू के लिए भारतीय टीमें मैलुंग और स्याफ्रुबेसी में सुरंगों से लोगों को निकालने में जुटी हैं. वहीं, अपर त्रिशूली 3A हाइड्रो प्रोजेक्ट की टनल में चीनी टीमें राहत कार्य कर रही हैं. दक्षिण कोरिया की टीम भी ग्राउंड ऑपरेशन्स में सहयोग कर रही है.

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इन देशों ने बढ़ाया मदद का हाथ

नेपाल को भारत, चीन, जापान, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, दक्षिण कोरिया, म्यांमार, कतर, यूके, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, मलेशिया, सिंगापुर, बांग्लादेश, पाकिस्तान से मदद आ रही है. इसके अलावा UN, WHO, WFP और UNICEF जैसी इंटरनेशनल संस्थाओं ने भी मदद के हाथ बढ़ाए हैं.

इन देशों ने नेपाल को ब्रिज यूनिट, फ्रीजर, जनरेटर सेट, सोलर लैंप, DNA टेस्टिंग किट, इमरजेंसी सामान, टेंट, कंबल, स्लीपिंग बैग, खाने के पैकेट और दवाएं भिजवाई हैं.

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39 देशों के 590 विदेशी लापता

त्रासदी में अब भी 39 देशों के करीब 590 विदेशी नागरिक लापता बताए जा रहे हैं, जिनके परिजनों से संपर्क साधने के लिए नेपाल के विदेश मंत्रालय ने एक डेडिकेटेड ‘इमरजेंसी कंट्रोल रूम’ बनाया है.

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First published on: Sep 01, 2026 09:42 AM

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About the Author

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.

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