---विज्ञापन---

‘लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई…’, BMC हाथ से जाने के बाद बोले उद्धव ठाकरे; तो राज ठाकरे ने कहा – जल्द मिलते हैं

Maharashtra Politics: राज ठाकरे, उद्धव ठाकरे और संजय राउत के बयान बड़ा संदेश देते हैं कि मराठी अस्मिता की लड़ाई चुनावी हार-जीत से ऊपर है. राज ठाकरे की री-बिल्डिंग की बात, उद्धव का सम्मान तक लड़ाई जारी रखने का ऐलान और राउत के 'जयचंद' के आरोप सब मिलकर विपक्ष को एकजुट दिखाते हैं.

---विज्ञापन---

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में BMC समेत 29 नगर निगमों में BJP-शिंदे गठबंधन की जीत के बाद शिवसेना (UBT) और MNS ने हार नहीं मानी है. राज ठाकरे, उद्धव ठाकरे और सांसद संजय राउत के ताजा बयानों से मराठी मानुष की अस्मिता की लड़ाई फिर से गरमा गई है. राज ठाकरे ने जहां MNS की कम सीटों पर अफसोस जताते हुए मराठी लोगों के लिए संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया, वहीं उद्धव ठाकरे ने लड़ाई खत्म न होने की बात कही. संजय राउत ने डिप्टी CM शिंदे को ‘जयचंद’ बताकर BJP पर पार्टियां तोड़ने का आरोप लगाया. जानें, इन बयानों में महाराष्ट्र की राजनीति के लिए क्या संदेश छिपा है.

राज ठाकरे का संदेश: हार नहीं, हिम्मत से आगे बढ़ो

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) चीफ राज ठाकरे ने X पर पोस्ट करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई दी, लेकिन कम सफलता पर दुख जताया. उन्होंने कहा कि चुनाव शिवसेना के खिलाफ पैसे और पावर की लड़ाई थी, लेकिन MNS और शिवसेना (UBT) के वर्कर्स ने अच्छा मुकाबला किया. बकौल राज ठाकरे, “यह दुख की बात है कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली, लेकिन हम हिम्मत हारने वालों में से नहीं हैं. चुने कार्यकर्ता वहां के शासकों को वहीं दफना देंगे. और अगर उन्हें लगेगा कि मराठी लोगों के खिलाफ कुछ हो रहा है, तो वे उन शासकों को जरूर सजा दिलाएंगे.”

---विज्ञापन---

एनालाइज करेंगे और काम करेंगे कि क्या गलत हुआ?

राज ने जोर दिया कि लड़ाई मराठी लोगों, भाषा, पहचान और खुशहाल महाराष्ट्र के लिए है. “यह लड़ाई हमारे वजूद की है. आप सब जानते हैं कि ऐसी लड़ाइयां लंबे समय तक चलती हैं. हम सब मिलकर एनालाइज करेंगे और काम करेंगे कि क्या गलत हुआ, क्या छूट गया, क्या कमी थी और क्या करने की जरूरत है.” उन्होंने चेतावनी दी कि रूलिंग पार्टी MMR एरिया या पूरे राज्य में मराठी लोगों को बेइज्जत करने का एक भी मौका नहीं छोड़ेगी. “इसलिए, हमें अपने मराठी लोगों के साथ मजबूती से खड़ा होना होगा. चुनाव आएंगे और जाएंगे, लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हमारी सांस मराठी है. जल्द मिलते हैं. चलो काम पर वापस चलते हैं. चलो अपनी पार्टी और ऑर्गनाइजेशन को नए सिरे से बनाते हैं!”

यह भी पढ़ें: देवेंद्र फडणवीस कैसे बने महाराष्ट्र की राजनीति के ‘धुरंधर’? ब्लाकबस्टर फिल्म से जुड़े 3 संयोग

---विज्ञापन---

उद्धव ठाकरे का ऐलान, लड़ाई तब तक जारी, जब तक सम्मान न मिले

शिवसेना (UBT) चीफ उद्धव ठाकरे ने X पर मराठी में पोस्ट किया, जिसका हिंदी अनुवाद है: “यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है… यह तब तक जारी रहेगी जब तक मराठी लोगों को वह सम्मान नहीं मिल जाता जिसके वे हकदार हैं!” यह बयान BMC में UBT की 65 सीटों के बाद आया, जहां उन्होंने मराठी अस्मिता को केंद्र में रखा. उद्धव का यह संदेश राज ठाकरे की बात से जुड़ता है, जहां दोनों ही मराठी लोगों के सम्मान और पहचान की लड़ाई पर जोर दे रहे हैं.

संजय राउत का तीखा हमला: ‘जयचंद’ शिंदे और BJP की रणनीति

शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने X पर और प्रेस कांफ्रेंस में डिप्टी CM एकनाथ शिंदे को ‘जयचंद’ बताकर निशाना साधा. उन्होंने कहा: “BJP ‘जयचंद’ बनाकर जीतती है. नहीं तो BJP की ताकत क्या है? हर राज्य में, हर शहर में, वे हर पार्टी को तोड़ते हैं और चुनाव जीतने के लिए ‘जयचंद’ बनाते हैं. वे जीरो के बराबर हैं.” एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए संजय राउत कहते हैं कि जब तक वे सत्ता में हैं, लोग उन्हें सलाम करेंगे; नहीं तो लोग उनकी गाड़ियों पर जूते फेंकेंगे. अगर शिंदे शिवसेना का जयचंद नहीं बनते तो मुंबई में BJP का मेयर कभी नहीं बनता! मराठी जनता शिंदे को जयचंद के तौर पर याद रखेगी.”

---विज्ञापन---

BMC में, विपक्ष की ताकत रूलिंग पार्टी के बराबर

BMC नतीजों पर राउत ने कहा: “चीफ मिनिस्टर के तौर पर उनके पास अनलिमिटेड पावर है; उनके पास पुलिस है, उनके पास कई दूसरे लोग और रिसोर्स हैं, उनके पास पैसा है, उनके पास सब कुछ है. अगर कोई दूसरा चीफ मिनिस्टर भी होता, तो नतीजे वही होते. सबसे बड़ी लड़ाई मुंबई में थी. हमें यह नहीं मानना चाहिए कि BJP मुंबई में जीत गई. यह बैलेंस्ड है. MNS को कम सीटें मिलीं; उन्हें लगभग 15 सीटें मिलनी चाहिए थीं, मुझे ऐसा लगता है. हम 10 से 15 सीटें बहुत कम मार्जिन से हारे, लेकिन BMC में, विपक्ष की ताकत रूलिंग पार्टी के बराबर है. हमारे 105 लोग अंदर हैं. ये लोग क्या करेंगे? वे मुंबई को बेच नहीं सकते. हम वहां बैठे हैं. अगर हमारी जान भी चली जाए, तो भी हम इन ठेकेदारों का राज खत्म कर देंगे.”

यह भी पढ़ें: उद्धव ठाकरे ने एक बड़ी चूक से गंवाई BMC की सत्ता, कांग्रेस की गलती से भी BJP फायदे में

---विज्ञापन---

First published on: Jan 17, 2026 01:18 PM

End of Article

About the Author

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola