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PG में शिफ्ट होने से पहले कर लें ये 7 चीजें चेक, सेफ्टी के साथ कभी ना करें समझौता

PG Safety Checklist: PG लेने से पहले सिर्फ किराया, लोकेशन और कमरे की सुविधाएं देखना काफी नहीं है. जिस बिल्डिंग में आप रहने जा रहे हैं उसकी सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है. जानिए PG शिफ्ट होने से पहले किन जरूरी सेफ्टी चेक्स को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

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PG Safety Tips: अक्सर जब भी स्टूडेंट या फिर उनके परिवारजन पीजी ढूंढते हैं तो बस किराया, मेट्रो से पीजी की दूरी, कमरा और खाने का टेस्ट देखकर ही फाइनल कर देते हैं, लेकिन आपको जिस जगह पर महीनों और सालों तक रहना है, वहां पर आपको सबसे पहले इस चीज पर ध्यान देना चाहिए कि क्या ये बिल्डिंग सेफ है. इसी बीच दिल्ली में सत्य निकेतन में पीजी के तौर पर इस्तेमाल हो रही पांच मंजिल की बिल्डिंग के गिरने की घटना ने इस बात को और भी गंभीर बना दिया है. आइए जानते हैं कि सत्य निकेतन हादसे से सीख लेकर आपको पीजी लेने से पहले कौन-से 7 सेफ्टी चेक करने चाहिए.

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बिल्डिंग की हालत पर दें ध्यान

सिर्फ कमरे को देखकर ही पीजी फाइनल मत करिए बल्कि कमरे के साथ-साथ सीढ़ियों, कॉमन एरिया, छत और बेसमेंट की हालत पर भी ध्यान दें. खासकर इस बात को नोटिस करें कि कहीं दीवार या छत पर कोई दरार तो नहीं है कहीं का प्लास्टर तो नहीं झड़ रहा है, दीवारों पर ज्यादा नमी तो नहीं है, जरूरत से ज्यादा कहीं पानी तो जमा नहीं है और दीवारों पर कोई झुकाव तो नहीं आ रहा है. अगर इनमें से कोई भी साइन आपको दिखे तो इसे नजरअंदाज न करें. अगर पीजी में बेसमेंट है तो वहां की हालत भी जरूर चेक करिए.

पीजी में हाल ही में तोड़फोड़ तो नहीं चल रही है

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पीजी मालिक से जरूर पूछें कि पीजी के कमरे, बेसमेंट, छत या फिर किसी भी फ्लोर में कोई रिनोवेशन का काम तो नहीं चल रहा है. सत्य निकेतन वाले मामले में बेसमेंट में चल रहे काम और उसका इंफ्रास्ट्रक्चर इस हादसे पर काफी सवाल उठा रहे हैं. अगर आप किसी पीजी में रह रहे हैं और वहां लगातार ड्रिलिंग, तोड़फोड़ या भारी निर्माण का काम चल रहा है तो मालिक से सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जरूर पूछताछ करें.

कितनी पुरानी है बिल्डिंग?

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इस बात का पता जरूर करें कि पीजी की बिल्डिंग कितनी पुरानी है. सिर्फ नए किए गए पेंट से धोखा न खाएं. इसके साथ पीजी के मालिक से ये भी पूछें कि मकान कब बना था और बाद में कितनी बार उसमें बदलाव हो चुका है. बाहर से बिल्डिंग पर हो रहे नए पेंट का मतलब ये नहीं है कि पूरी बिल्डिंग ही नई है.

फायर सेफ्टी और इमरजेंसी एग्जिट जरूर देखें

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पीजी लेते समय फायर एग्जिट (Fire Exit) और बाहर निकलने के लिए कोई दूसरा इमरजेंसी का रास्ता है भी या नहीं ये जरूर चेक करिए. अगर इमरजेंसी का रास्ता किसी सामान की वजह से बंद हो तो इस बात को गंभीरता से जरूर लीजिए.

पीजी की वैधता और जरूरी अनुमति के बारे में पूछें

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पीजी के मालिक से बिल्डिंग चलाने के कानूनी कागज के बारे में भी आप पूछ सकते हैं. अगर पीजी का मालिक बिल्डिंग की सेफ्टी से संबंधित दस्तावेज दिखाने से आनाकानी करे तो इस बात को गंभीरता से लें.

बारिश में बिल्डिंग का असली हाल देखें

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अगर आप दिल्ली में पीजी ले रहे हैं तो एक बार बारिश के मौसम में उस बिल्डिंग का हाल जरूर देखिए. खासकर दिल्ली में बारिश के मौसम में बेसमेंट में पानी भर जाना काफी कॉमन है. पानी भरने के साथ-साथ बिजली के उपकरणों की सेफ्टी की भी एक बार जांच जरूर करिए.

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First published on: Sep 10, 2026 06:06 PM

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About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.

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