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‘AI से बने फेक कंटेंट पर तुरंत होगी कार्रवाई’, मेटा अधिकारियों की बैठक में बोले मंत्री अश्विनी वैष्णव

केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया दिग्गज मेटा (Meta) को सख्त लहजे में चेतावनी दी है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साफ कर दिया है कि भारत में काम करने वाले प्लेटफॉर्म्स को यहीं के नियमों का पालन करना होगा. जानिए 45 मिनट चली इस अहम बैठक में क्या-क्या फैसले हुए.

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भारत में काम कर रही विदेशी सोशल मीडिया कंपनियों को लेकर केंद्र सरकार ने अपना रुख पूरी तरह सख्त कर लिया है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘मेटा’ (Meta) के उच्च अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की. इस बैठक में सरकार की ओर से कंपनी को कड़ा और साफ संदेश दिया गया है. नए दिशानिर्देशों के मुताबिक, अगर सोशल मीडिया पर कोई गैर-कानूनी या भ्रामक AI कंटेंट पोस्ट किया जाता है, तो शिकायत या सरकारी आदेश के 3 घंटे के भीतर प्लेटफॉर्म्स (जैसे इंस्टाग्राम, फेसबुक, यूट्यूब और X) को उसे हटाना अनिवार्य होगा. महिलाओं और बच्चों से जुड़े संवेदनशील या अश्लील डीपफेक मामलों में यह कार्रवाई 2 घंटे के भीतर करनी होगी.

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‘अमेरिकी कानून से नहीं चलेंगे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म’

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मेटा के अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि भारत में काम करने के लिए अमेरिकी कानून या नीतियां नहीं चलेंगी. कंपनियों को हर हाल में भारत के नियम और कानूनों का पालन करना होगा. सरकार का मानना है कि भारतीय यूज़र्स की सुरक्षा, डेटा प्राइवेसी और देश की संप्रभुता से जुड़ा कोई भी समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा.

AI कंटेंट पर ‘लेबल’ लगाना अनिवार्य

कंटेंट क्रिएटर्स के लिए अहम फरमान, अब अगर वे AI टूल्स के जरिए फोटो, ऑडियो या वीडियो बनाते हैं तो पारदर्शिता बनाए रखना अनिवार्य कर दिया गया है. फोटो या वीडियो के कम से कम 10% हिस्से पर साफ तौर पर ‘AI-Generated’ का लेबल दिखाना होगा. एआई आवाज में बनी क्लिप्स में बोलकर डिस्क्लेमर देना जरूरी होगा. हर एआई फाइल में एक स्थायी डिजिटल कोड रहेगा, जिससे कंटेंट बनाने वाले की पहचान आसानी से की जा सकेगी.

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नियमों का उल्लंघन पड़ा भारी तो होगी कानूनी कार्रवाई

अगर कोई सोशल मीडिया कंपनी तय समय-सीमा के भीतर फर्जी या अश्लील कंटेंट हटाने में विफल रहती है, तो वह कानून के तहत मिलने वाली कानूनी सुरक्षा खो देगी. इसके बाद उस कंपनी और कंटेंट अपलोड करने वाले यूजर पर आपराधिक मुकदमा चलाया जा सकता है. सरकार का साफ संदेश है कि इंटरनेट को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाए रखने के लिए तकनीक के दुरुपयोग को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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First published on: Aug 06, 2026 06:29 PM

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About the Author

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.

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