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नाम में एक्सट्रा ‘F’ होने की वजह से भारत रत्न वैज्ञानिक की बढ़ी मुश्किल! SIR का मिला नोटिस

देश की बड़ी हस्तियों में से एक प्रोफेसर CNR राव को 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) का नोटिस जारी किया गया है, जिसके बाद उन्हें अपनी पहचान को साबित करने के लिए एक सुनवाई में शामिल होने को कहा गया है.

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देश की बड़ी हस्तियों में से एक प्रोफेसर CNR राव को ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न’ (SIR) का नोटिस जारी किया गया है, जिसके बाद उन्हें अपनी पहचान को साबित करने के लिए एक सुनवाई में शामिल होने को कहा गया है. SIR के दौरान प्रोफेसर के नाम की स्पेलिंग में अंतर पाए जाने के बाद ये कदम उठाया गया है. 92 साल के साइंटिस्ट CNR राव को भारत के सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से नवाजा जा चुका है. वो ये सम्मान पाने वाले तीसरे वैज्ञानिक हैं.

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क्या है नोटिस की वजह?

प्रोफेसर राव को जो नोटिस जारी किया गया है, उसमें उनके नाम की स्पेलिंग के अंतर को कारण बताया गया है. पुरानी वोटर लिस्ट में उनका नाम प्रोफेसर CNR राव लिखा है. खबरों के मुताबिक मौजूदा लिस्ट में ‘Prof’ में एक एक्सट्रा ‘f’ है, जिससे उनका नाम ‘Proff CNR राव’ दर्ज हो गया है. नाम में अंतर होने का मतलब है कि जब 2002 की वोटर लिस्ट में शामिल कोई वोटर लिस्ट में शामिल कोई मतदाता SIR एन्यूमरेशन फॉर्म भरते समय उसी लिस्ट की अपनी जानकारी का इस्तेमाल करता है, लेकिन वो जानकारी मौजूदा वोटर लिस्ट से मेल नहीं खाती. सिर्फ वही व्यक्ति सुनवाई के लिए आ सकता है, जिसके नाम पर नोटिस जारी किया गया है. यही वजह है कि प्रोफेसर राव को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc)
के पास मल्लेश्वरम में होने वाली सुनवाई के लिए बुलाया गया है.

क्या है योगदान?

सॉलिड-स्टेट और स्ट्रक्चरल केमिस्ट्री में अपने काम के लिए मशहूर प्रोफेसर राव को अपने क्षेत्र के सबसे सम्मानित वैज्ञानिकों में से एक माना जाता है. उन्हें नोबेल पुरस्कार के अलावा लगभग देश के हर सम्मान से नवाजा जा चुका है. प्रोफेसर राव ने भारत की विज्ञान नीतियों को आकार देने में भी अहम भूमिका निभाई है. वो तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की वैज्ञानिक सलाहकार परिषद के सदस्य थे और बाद में उन्होंने चार प्रधानमंत्रियों राजीव गांधी, एच.डी. देवेगौड़ा, आई.के. गुजराल और मनमोहन सिंह की वैज्ञानिक सलाहकार परिषदों का नेतृत्व किया. उन्होंने ग्लोबल लेवल पर और खासकर बेंगलुरु में विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. उन्होंने प्रतिष्ठित IISc का नेतृत्व किया और जक्कूर में जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च (JNCASR) की स्थापना की, जहां उन्होंने इसके संस्थापक अध्यक्ष तौर पर काम किया.

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First published on: Sep 09, 2026 02:37 PM

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About the Author

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.

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