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मानसून में बार-बार हो जाता है UTI? यूरोलॉजी डॉक्टर से जानिए कैसे यह संक्रमण किडनी को भी पहुंचा सकता है नुकसान

How to control urine in rainy season: बारिश में कई तरह की बीमारियां होना बहुत आम है. इसलिए लोगों को अक्सर जुकाम या खांसी हो ही जाती है, लेकिन अगर आपको UTI से संबंधित कोई बीमारी है तो परेशानी थोड़ी बढ़ जाती है. 

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Is UTI common in monsoon: मानसून का मौसम अक्सर गर्मियों से राहत दिलाता है, लेकिन यह ऐसी समस्या भी पैदा करता है जो यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन के खतरे को बढ़ा देता है. इसको लेकर डॉक्टर शलभ अग्रवाल (यूरोलॉजी विभाग के निदेशक, सीके बिड़ला हॉस्पिटल) का कहना है कि मस, पानी की कमी और लंबे समय तक गीले कपड़ों में रहने की वजह से इस मौसम में कई लोगों को बार-बार यूटीआई का सामना करना पड़ता है. इसलिए बारिश के मौसम में अपनी हेल्थ पाए ध्यान देना बहुत जरूरी है, ताकि इससे होने वाली बीमारियों से बचा जा सके. 

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क्या बार-बार होने वाले UTI से किडनी खराब होती है? 

यूटीआई हल्के होते हैं और इनका इलाज आसानी से हो जाता है, लेकिन बार-बार होने वाले या बिना इलाज के छोड़े गए संक्रमणों को कभी भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि ये कभी-कभी किडनी तक फैल सकते हैं और गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का कारण बन सकते हैं. 

यूटीआई होता क्या है? 

एक यूटीआई आमतौर पर निचले मूत्र मार्ग से शुरू होता है, जो ब्लैडर को प्रभावित करता है. इसके नॉर्मल लक्षणों में पेशाब करते समय जलन होना, बार-बार पेशाब आने की इच्छा होना, धुंधला या बदबूदार पेशाब आना, पेट के निचले हिस्से में बेचैनी और कभी-कभी पेशाब में खून आना शामिल है. अगर वक्त पर इलाज किया जाए तो ये संक्रमण आमतौर पर बिना किसी नुकसान के ठीक हो जाते हैं. 

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गुर्दे का संक्रमण कब हो जाता है? 

जब बैक्टीरिया मूत्राशय से ऊपर की ओर बढ़ते हुए गुर्दे तक पहुँच जाते हैं तो वे गुर्दे के संक्रमण का कारण बन सकते हैं, जिसे पायलोनेफ्राइटिस भी कहा जाता है. यह एक गंभीर स्थिति है जिसके लिए डॉक्टर से बात करना जरूरी है. 

क्या नजर आते हैं लक्षण? 

इस दौरान तेज बुखार, कंपकंपी के साथ ठंड लगना, पसलियों के नीचे पीठ या करवट में दर्द होना, मतली, उल्टी और लगातार पेशाब की समस्या होना इस बात का संकेत हो सकते हैं कि संक्रमण गुर्दे तक पहुंच चुका है. कुछ लोगों में बार-बार यूटीआई होने और गुर्दे की जटिलताओं का खतरा अधिक होता है. 

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किन लोगों को ज्यादा ध्यान देना चाहिए? 

महिलाओं में यह बीमारी ज्यादा नहीं देखी जाती है, जबकि डायबिटीज, किडनी स्टोन, बढ़े हुए प्रोस्टेट या मूत्र मार्ग वाले लोगों में भी इसका जोखिम अधिक होता है. गर्भवती महिलाओं को अपना खास ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि बिना इलाज वाले यूटीआई मां और बच्चे दोनों के लिए परेशानी पैदा कर सकते हैं.

यूटीआई क्यों होता है? 

मानसून का मौसम यूटीआई को बढ़ावा दे सकता है, क्योंकि ठंडे मौसम में कई लोग पानी पीना कम कर देते हैं. इससे पेशाब गाढ़ा हो जाता है और बैक्टीरिया को आसानी से पनपने का मौका मिल जाता है. लंबे समय तक गीले कपड़े पहनना, यात्रा के दौरान पेशाब रोकने में देरी करना और स्वच्छता की कमी इस जोखिम को और बढ़ा सकती है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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First published on: Jul 05, 2026 11:34 AM

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About the Author

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.

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