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Manual vs Automatic Cars: भारत की सड़कों पर कौन-सी कार बचाएगी ज्यादा पेट्रोल?

मैनुअल या ऑटोमैटिक कौन सी कार ज्यादा माइलेज देती है? पहले जवाब आसान था, लेकिन अब नई टेक्नोलॉजी ने पूरा गेम बदल दिया है. अगर आप भी कार खरीदने का सोच रहे हैं, तो जान लें कि असली फर्क कहां पड़ता है.

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Manual vs Automatic Cars: मैनुअल और ऑटोमैटिक कार में कौन ज्यादा माइलेज देती है यह सवाल हर कार खरीदने वाले के मन में जरूर आता है. पहले इसका जवाब सीधा होता था कि मैनुअल कार बेहतर माइलेज देती है, लेकिन अब वक्त बदल चुका है. 2026 में नई टेक्नोलॉजी और स्मार्ट गियरबॉक्स के कारण दोनों के बीच का फर्क काफी कम हो गया है. अब सही चुनाव इस बात पर निर्भर करता है कि आप कार कहां और कैसे चलाते हैं.

मैनुअल कार में माइलेज का फायदा

मैनुअल कारों में गियर बदलने का पूरा कंट्रोल ड्राइवर के पास होता है. अगर ड्राइवर सही समय पर गियर शिफ्ट करता है और गाड़ी को स्मूद तरीके से चलाता है, तो इंजन पर कम दबाव पड़ता है और पेट्रोल की खपत कम होती है. खासतौर पर हाईवे पर मैनुअल कारें बेहतर माइलेज देने के लिए जानी जाती हैं.

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ऑटोमैटिक कार में नई टेक्नोलॉजी का असर

ऑटोमैटिक कारों में गियर अपने आप बदलते हैं, जिससे ड्राइविंग काफी आसान हो जाती है. पहले इन कारों की माइलेज कम मानी जाती थी, लेकिन अब AMT, CVT और DCT जैसी नई तकनीकों ने इस कमी को काफी हद तक दूर कर दिया है. आज की ऑटोमैटिक कारें भी अच्छी माइलेज देने लगी हैं.

शहर और हाईवे ड्राइविंग का फर्क

भारत जैसे देशों में ट्रैफिक एक बड़ा फैक्टर है. शहर में बार-बार ब्रेक और गियर बदलने की जरूरत होती है, जहां ऑटोमैटिक कारें ज्यादा आरामदायक रहती हैं. वहीं हाईवे पर लगातार एक जैसी स्पीड में चलने पर मैनुअल कारें ईंधन बचाने में थोड़ी आगे निकल जाती हैं.

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ड्राइविंग स्टाइल भी करता है असर

सिर्फ कार का प्रकार ही नहीं, बल्कि उसे चलाने का तरीका भी माइलेज पर बड़ा असर डालता है. तेज एक्सीलरेशन, अचानक ब्रेक और गलत गियर का इस्तेमाल पेट्रोल की खपत बढ़ा देता है. अगर ड्राइविंग स्मूद और संतुलित हो, तो दोनों ही तरह की कारों में अच्छा माइलेज मिल सकता है.

मेंटेनेंस और लागत का फर्फ

मैनुअल कारें आमतौर पर सस्ती होती हैं और उनकी सर्विसिंग भी कम खर्च में हो जाती है. दूसरी ओर, ऑटोमैटिक कारें खरीदने में थोड़ी महंगी होती हैं और उनका मेंटेनेंस भी ज्यादा खर्चीला हो सकता है. हालांकि, सुविधा के कारण कई लोग ऑटोमैटिक कारों को ज्यादा पसंद करते हैं.

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First published on: Apr 17, 2026 01:26 PM

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About the Author

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत

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