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नेपाल में फिर मचा बवाल, सांप्रदायिक हिंसा के बाद कई जिलों में कर्फ्यू, 3 लोगों की मौत; 8 गिरफ्तार

पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गोली चलानी पड़ी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए. पुलिसकर्मियों को भी इस दौरान चोटें आईं. कुछ ही दिनों में यह तनाव मधेश प्रांत तक फैल गया.

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नेपाल में एक बार फिर से हिंसा की आग भड़क उठी है. युवाओं के प्रोटेस्ट के बाद केपी ओली सरकार तो गिर गई, लेकिन भारत का पड़ोसी देश आज भी शांति का इंतजार कर रहा है. बीते कुछ दिनों से नेपाल के अलग-अलग हिस्सों में भड़की सांप्रदायिक हिंसा ने अब बालेन शाह सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. हिंसा की घटनाओं के बाद प्रशासन ने जनकपुर सहित धनुषा जिले में अगले आदेश तक कर्फ्यू लागू कर दिया है. इसके अलावा सुनसरी, सिराहा और सप्तरी जिले के संवेदनशील इलाकों में भी कड़ी पाबंदियां लगाई गई हैं.

क्यों शुरू हुआ नेपाल में बवाल?


नेपाल में शांति बहाल करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. अब तक इस हिंसा में तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई पुलिसकर्मियों समेत दर्जनों लोग घायल हुए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार को कोशी प्रांत के सुनसरी जिले में दो अलग-अलग धार्मिक समुदायों द्वारा धार्मिक कार्यक्रम के आयोजन को लेकर ये विवाद शुरू हुआ. बताया जा रहा है कि लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और धार्मिक झंडों को लेकर दोनों पक्षों के बीच झगड़ा शुरू हो गया जिसने हिंसक झड़प का रूप ले लिया.

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स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गोली चलानी पड़ी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए. पुलिसकर्मियों को भी इस दौरान चोटें आईं. कुछ ही दिनों में यह तनाव मधेश प्रांत तक फैल गया. गुरुवार को सिराहा जिले में हुई झड़प के दौरान एक किशोर की जान चली गई, जबकि सुनसरी हिंसा में गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.

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भारत-नेपाल बॉर्डर पर पहचान पत्र अनिवार्य


इसके साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई. हालात को देखते हुए शुक्रवार सुबह सप्तरी जिले के राजबिराज नगरपालिका के कुछ हिस्सों में भी कर्फ्यू लागू कर दिया गया. हिंसा से जुड़े मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें पांच आरोपी सिराहा और तीन धनुषा जिले से पकड़े गए हैं. वहीं, भारत-नेपाल सीमा से सटे सरलाही जिले में प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए भारत से नेपाल आने वाले सभी लोगों के लिए पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य कर दिया है.

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First published on: Aug 01, 2026 01:52 PM

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About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक

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