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काला हो रहा पानी, कभी भी टूट सकती है झील… चीन ने नेपाल को फिर चेताया; एक और जलप्रलय का मंडराया खतरा

चीन के मुताबिक, मलबे से बनी इस झील में शुक्रवार तक करीब 25 लाख क्यूबिक मीटर पानी जमा हो चुका है और जलस्तर लगातार बढ़ रहा है.

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नेपाल में ग्लेशियर टूटने से आई अचानक बाढ़ के बाद अब एक और बड़े खतरे की घंटी बज गई है. चीन ने नेपाल सरकार को ताजा चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि ल्हेंडे नदी के ऊपरी हिस्से में मलबे से बनी नेचुरल झील किसी भी समय टूट सकती है. चीनी अधिकारियों के मुताबिक, झील के पानी का रंग लगातार गहरा होता जा रहा है, जो इसके कभी भी फटने का साफ संकेत हो सकता है. नेपाल के विदेश मंत्रालय के साथ शेयर किए गए मैसेज में चीन ने निचले इलाकों में रह रहे लोगों और प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है.

ड्रोन्स और सैटेलाइट्स से लगातार निगरानी

चीन के मुताबिक, मलबे से बनी इस झील में शुक्रवार तक करीब 25 लाख क्यूबिक मीटर पानी जमा हो चुका है और जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. झील चीन की तरफ छोचेन नदी और नेपाल की तरफ पुरेपु नदी के संगम के पास मलबे के जमाव से बनी है. शुक्रवार को इस झील का पानी ल्हेंडे खोला और त्रिशूली नदियों में ओवरफ्लो होना शुरू हो गया था. हालांकि, इसे नियंत्रण लायक बताया गया था. चीनी अधिकारी पूरे इलाके पर सैटेलाइट और ड्रोन्स के जरिए 24 घंटे नजर बनाए हुए हैं.

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320 भारतीय अब भी लापता

भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बाढ़ के बाद कम से कम 320 भारतीय अब भी लापता हैं और 400 अन्य भारतीय चीनी क्षेत्र में फंसे हुए हैं. मंत्रालय ने कहा कि भारत स्थिति से निपटने के लिए काठमांडू को हर संभव मदद देने के लिए तैयार है. चीनी क्षेत्र में फंसे 96 भारतीय नागरिक सुरक्षित रूप से सड़क मार्ग से नेपाल पहुंच गए हैं. त्रिशूली-वन जलविद्युत परियोजना में काम करने वाले 63 भारतीय नागरिकों को भी बचाया गया है.

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भारत ने भेजी राहत सामग्री

बुधवार रात से भारत ने तीन सैन्य परिवहन विमानों के जरिए नेपाल को कुल 57.5 टन आपातकालीन राहत सामग्री भेजी है. शुक्रवार को 10 टन राहत सामग्री भेजी गई. राहत सामग्री के साथ भारत ने 11 चिकित्सा और पैरामेडिकल कर्मचारियों की टीम तथा सुरंग में बचाव अभियान का जायजा लेने वाली एक टीम भी भेजी है.

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मरने वालों की संख्या हुई 579

बाढ़ से मरने वालों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर 579 हो गई. नेपाल पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि इस हिमालयी देश के आठ जिलों से 579 शव बरामद किए गए हैं, जबकि हजारों लोग अब भी लापता हैं. पुलिस के मुताबिक, चितवन जिले से 233, नवलपरासी पूर्व से 154, गोरखा से 46 और धादिंग से 40 शव बरामद किए गए हैं. इसी तरह, नुवाकोट से 37, तनाहू से 30, नवलपरासी पश्चिम से 27 और रसुवा से 12 शव बरामद किए गए हैं. चीन के मुताबिक, तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र की ग्यिरोंग काउंटी में पांच लोगों की मौत हो गई है.

(पीटीआई के इनुपट्स के साथ)

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First published on: Aug 29, 2026 09:33 AM

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About the Author

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.

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