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150000 रुपये के बिटकॉइन खरीदकर भूल गया था शख्स, 12 साल बाद देखा तो उड़ गए होश; बन गया करोड़पति

टेक्निकल एक्सपर्ट्स की एक टीम ने पुराने ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड्स और ब्लॉकचैन ट्रेसिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके बंद हो चुके एक्सचेंज में मौजूद 61 बिटकॉइन को वापिस क्रिस के नाम कर दिया.

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ब्रिटेन के रहने वाला एक शख्स अचानक से करोड़पति बन गया. उसे भी पता नहीं था कि 12 साल पहले की गई उसकी एक इन्वेस्टमेंट अचानक उसको करोड़पति बना देगी. हैरान करने वाली बात तो ये है कि 2012 में एक क्रिप्टो एक्सचेंज के बंद हो जाने के बाद शख्स ने ये मान लिया था कि उसके द्वारा खरीदे गए बिटकॉइन अब ब्लॉक हो गए और उसे कभी नहीं मिल पाएंगे. अपने निवेश को डूबा हुआ मानकर शख्स आगे बढ़ गया और उन बिटकॉइन्स को भूल गया. हालांकि किस्मत को कुछ और मंजूर था, शख्स द्वारा खरीदे गए बिटकॉइन अनब्लॉक कर दिए गए, जिसके बाद उसकी किस्मत ही बदल गई.

2012 में डेढ़ लाख रुपये का किया था निवेश

ये कहानी बिट्रेन के रहने वाले ‘क्रिस’ की है, जिन्होंने 2011 में अपने दोस्त की सलाह पर शुरुआती दौर में ब्रिटेन के ‘इंटरसंगो’ एक्सचेंज से बिटकॉइन खरीदे थे. उस समय उन्होंने इसमें लगभग 1,500 पाउंड (करीब डेढ़ लाख रुपये) लगाए थे. हालांकि, 2012 आते-आते उनका क्रिप्टो प्लेटफॉर्म पूरी तरह ठप हो गया और क्रिस के खाते में जमा 61 बिटकॉइन पूरी तरह ब्लॉक हो गए. उस दौरान इन डिजिटल कॉइन्स की कुल कीमत सिर्फ $5,400 (लगभग 4.5 लाख रुपये) थी.

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बिटकॉइन को डूबा हुआ निवेश मान बैठे क्रिस

एक्सचेंज के बंद होने के बाद अगले एक दशक तक बिटकॉइन का बाजार कई बार चढ़ा और गिरा, जैसे-जैसे बिटकॉइन की कीमतें आसमान छूने लगीं, क्रिस को और भी बुरा फील होने लगा. उन्होंने उस दौर को याद करते हुए बताया कि जब भी क्रिप्टो के दाम बढ़ते थे, तो ऐसा लगता था जैसे किसी ने पेट में लात मार दी हो. आखिरकार उन्होंने इसे पूरी तरह किस्मत का लिखा मानकर क्रिप्टो बाजार की खबरों को देखना ही बंद कर दिया.

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पत्नी की सलाह ने बदली क्रिस की किस्मत

साल 2026 की शुरुआत में उनकी पत्नी ने हिम्मत बंधाई और एक्सपर्ट क्रिप्टो रिकवरी, वकीलों से संपर्क करने की सलाह दी. टेक्निकल एक्सपर्ट्स की एक टीम ने पुराने ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड्स और ब्लॉकचैन ट्रेसिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके बंद हो चुके एक्सचेंज में मौजूद 61 बिटकॉइन को वापिस क्रिस के नाम कर दिया. मई 2026 में रिकवरी का पूरा प्रोसेस खत्म हुआ और 12 साल बाद क्रिप्टो खजाना वापस क्रिस के वॉलेट में ट्रांसफर हो गया.

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अब क्या है आगे का प्लान?

12 साल तक क्रिप्टोकरेंसी के ब्लॉक रहने के कारण क्रिस चाहकर भी इसे बेच नहीं सके. हालांकि अच्छा ही हुआ कि वो अपने क्रिप्टो को निकाल नहीं सके और उनका निवेश लॉन्ग टर्म के लिए बना रहा, जिसकी वजह से उन्हें करोड़ों का फायदा हुआ. रिकवर किए गए 61 बिटकॉइन की मौजूदा कीमत करीब 5 मिलियन डॉलर (भारतीय रुपये में 36 करोड़ से अधिक) आंकी गई है. क्रिस का कहना है कि वे इस रकम के एक हिस्से से बड़ा घर खरीदेंगे, जबकि बाकी के बचे हुए बिटकॉइन को वो निवेश करके ही रखेंगे.

First published on: Sep 01, 2026 09:12 PM

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About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक

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