उत्तर प्रदेश के 'टेक्सटाइल कॉन्क्लेव 2026' को आज प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबोधित किया. उन्होंने कहा कि की पहले UP में उपद्रव होते थे, आज दुनिया में यहां के उत्पाद बिक रहे हैं. आज हमारे पास कौशल, मानव संसाधन, देश का सबसे बड़ा बाजार, उद्योग, उद्यमशीलता, दुनिया की सबसे युवा कार्यबल है. साल 2017 से पहले उत्तर प्रदेश जो स्थिति थी, वह किसी से छिपी नहीं है. कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई थी. हर जिले में माफिया गिरोह बराबर की सरकार चला रहे थे. बेखौफ होकर कहीं भी घूम सकते थे. किसी भी कोने से काम कर सकते थे. जहां नजर पड़ती, वह जमीन उनकी हो जाती थी.
2017 से पहले प्रदेश की अर्थव्यवस्था पिछड़ रही थी
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उस समय सरकारें भी इन सब के सामने चुप रहती थीं. नागरिकों को पहचान के संकट से जूझना पड़ रहा था. उत्तर प्रदेश का नाम सुनते ही लोग यहां के लोगों को घर तक किराए पर नहीं देते थे. किसी समाज, किसी नागरिक के लिए इससे बड़ी त्रासदी और क्या हो सकती है? ऐसी स्थिति में अर्थव्यवस्था आगे नहीं बढ़ पा रही थी. बिजली आपूर्ति किसी एक परिवार तक सीमित थी. विकास भी उसी परिवार तक सिमट कर रह गया था. उद्योग नीति नहीं थी. लेकिन 2017 के बाद उत्तर प्रदेश बदला हुआ है. कानून का राज है. अपराध, अपराधियों और भ्रष्टाचार से निपटने की रणनीति बन गई है.
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उत्तर प्रदेश के बने कपड़े दुनियाभर में मशहूर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले भारत में बनने वाले कपड़े, विशेषकर उत्तर प्रदेश में बनने वाले कपड़े दुनिया के बाजारों में रोम और ग्रीस की संस्कृतियों में खूब डिमांड में थे. वाराणसी की रेशमी साड़ियां हों, भदोही के कालीन हों, लखनऊ की चिकनकारी हो, कानपुर का चमड़ा हों, यह सब केवल देश तक सीमित नहीं थे, बल्कि दुनिया में पसंद किए जाते थे. यह सबस उत्तर प्रदेश के कुछ खास क्षेत्र नहीं हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश के वस्त्रों की विरासत और औद्योगिक क्षमता के विभिन्न चरण हैं, जो आज भी पूरी दुनिया में अपनी विशेष पहचान रखते हैं और इस पहचान को आगे भी कायम रखने का प्रयास किया जाएगा.
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