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कौन हैं श्रवण कुमार, जो बने JDU विधायक दल के नेता? जानें- कैसे नीतीश कुमार ने चला सियासी दांव

नीतीश कुमार के विधान परिषद जाने और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद खाली हुए इस पद को भरने के लिए श्रवण कुमार के नाम पर मुहर लगा दी गई है. इसकी आधिकारिक जानकारी विधानसभा अध्यक्ष को भी दे दी गई है.

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बिहार की सियासत में एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सबसे भरोसेमंद साथी पर दांव खेला है. नीतीश कुमार ने अपने गृह जिले नालंदा के कद्दावर नेता और कैबिनेट मंत्री श्रवण कुमार को जेडीयू (JDU) विधायक दल का नया नेता चुना है. नीतीश कुमार के विधान परिषद जाने और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद खाली हुए इस पद को भरने के लिए श्रवण कुमार के नाम पर मुहर लगा दी गई है. इसकी आधिकारिक जानकारी विधानसभा अध्यक्ष को भी दे दी गई है.

5 दशक का साथ और नीतीश का भरोसा

श्रवण कुमार को नीतीश कुमार का बेहद करीबी माना जाता है. कुर्मी समाज से आने वाले श्रवण कुमार ने अपनी राजनीतिक यात्रा पांच दशक पहले नीतीश कुमार के साथ ही शुरू की थी. उनका सिायसी सफर साल 1974 के जेपी आंदोलन से ही शुरू हुआ था. तब से लेकर आज तक, श्रवण कुमार हर उतार-चढ़ाव में नीतीश कुमार के साथ मजबूती से खड़े रहे हैं.

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1995 से नालंदा के विधायक

श्रवण कुमार साल 1995 से लगातार नालंदा विधानसभा सीट से विधायक हैं. करीब तीन दशकों से इस सीट पर उनका एकछत्र राज है. वे नीतीश सरकार में ग्रामीण विकास और संसदीय कार्य जैसे अहम विभागों के मंत्री रह चुके हैं. साल 2005 में जब नीतीश कुमार पहली बार मुख्यमंत्री बने, तब से लेकर अब तक श्रवण कुमार जेडीयू के मुख्य सचेतक के तौर पर भी जिम्मेदारी निभाते रहे हैं.

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वोट बैंक पर नजर

नीतीश कुमार के इस फैसले के पीछे सियासी रणनीति भी देखी जा रही है. श्रवण कुमार उसी कुर्मी जाति से आते हैं जिससे खुद नीतीश कुमार ताल्लुक रखते हैं. जेडीयू विधायक दल का नेता बनाकर नीतीश ने अपने कोर वोट बैंक को यह संदेश दिया है कि पार्टी की कमान और भरोसा आज भी उनके अपने पुराने साथियों पर ही है.

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First published on: Apr 21, 2026 03:40 PM

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About the Author

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.

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