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पढ़ने बैठते ही नींद आने लगती है? किताब खोलने से पहले ये 7 चीजें बदलकर देखें

Feeling Sleepy While Reading: किताब खोलते ही आंखें भारी होने लगती हैं और पढ़ाई के दौरान बार-बार जम्हाई आती है? पढ़ाई का माहौल, बैठने का तरीका और रोज की कुछ आदतें आपके फोकस पर असर डाल सकती हैं. जानिए पढ़ते समय नींद और सुस्ती से बचने के लिए किन बातों में बदलाव करें.

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Study Tips: क्या किताब खोलते ही आपकी आंखें भारी होने लगती हैं और कुछ पन्ने पढ़ने के बाद जम्हाई आने लगती है, तो परेशान होने की बात नहीं है स्टूडेंट्स के लिए ये एक बेहद आम बात है. लेकिन, इस समस्या को बस कुछ आदतें सुधारकर सही किया जा सकता है. यहां ऐसे कुछ टिप्स दिए गए हैं जिन्हें आजमाने पर आप अपने फोकस को बेहतर बना सकते हैं. इससे पढ़ने बैठने पर मिनटों में ही नहीं बल्कि घंटों में भी नींद नहीं आएगी. यहां जानिए टिप्स.

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बेड छोड़कर टेबल-कुर्सी पर बैठें

सबसे बड़ी गलती होती है बेड पर बैठकर पढ़ना क्योंकि हमारा दिमाग बेड को आराम और सोने से जोड़ लेता है इसलिए वहां पर पढ़ने से आलस सा महसूस होता है. पढ़ाई हमेशा पीठ को सपोर्ट देने वाली कुर्सी और सही ऊंचाई वाली टेबल पर ही करें.

कमरे की रोशनी बहुत कम न रखें

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कम रोशनी में पढ़ाई करने की वजह से आंखों पर तनाव और थकान महसूस हो सकती है जिसकी वजह से कई बार नींद भी आ सकती है. इसलिए पढ़ाई की जगह पर पर्याप्त रोशनी रखें. हो सके तो ऐसी जगह पढ़ें, जहां पर नैचुरल लाइट आती हो.

पढ़ाई शुरू करने से पहले कमरा थोड़ा हवादार करें

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पढ़ाई को शुरू करने से पहले कमरे का टैंपरेचर भी सही करें, क्योंकि बंद और घुटन भरा कमरा पढ़ते समय आपको और आलस महसूस करा सकता है. पढ़ाई शुरू करने से पहले खिड़की खोल दीजिए या पंखा चालू कर दीजिए, ताकि कमरा ज्यादा गर्म न महसूस हो.

बहुत भारी खाना खाने के तुरंत बाद न बैठें

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बहुत से स्टूडेंट पढ़ने से पहले ये सोचकर भरपेट खाना खा लेते हैं कि शायद इससे वो और अच्छे से पढ़ाई कर पाएंगे. जबकि भरपेट या बहुत भारी भोजन करने के बाद हमारा शरीर खाने की पाचन क्रिया में व्यस्त हो जाता है इससे सुस्ती महसूस होती है. इस बात का भी ध्यान रखें कि आप पढ़ाई के ठीक पहले बहुत तला-भुना या भारी खाना न खाएं.

पढ़ाई से पहले फोन स्क्रॉल करना बंद करें

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लोग इस लूप में फंस जाते हैं कि 5 मिनट फोन चला कर पढ़ाई कर लूंगा. लेकिन, वो 5 मिनट कब 1 घंटे में बदल जाते हैं, पता ही नहीं चलता. इसलिए पढ़ाई शुरू करने से लगभग 15 मिनट पहले ही फोन को टेबल से दूर या साइलेंट, फोकस मोड पर रखकर छोड़ दीजिए.

लगातार सिर्फ पढ़ते न रहें, तरीका बदलें

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कभी भी लंबे समय तक एक ही तरह से चुपचाप बैठे पढ़ते न रहें ऐसा करने से ध्यान कम हो सकता है और नींद जैसी महसूस हो सकती है. बीच-बीच में खुद से सवाल भी पूछें. बोल-बोलकर पढ़ें और छोटा ब्रेक भी लेते रहें.

सबसे पहले अपनी नींद पूरी रखें

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अगर आप रोज पर्याप्त नींद नहीं ले रहे हैं तो पढ़ते समय नींद आना काफी स्वाभाविक है. इसलिए देर रात तक जागकर पढ़ने के बजाय पढ़ाई करने का एक नियमित टाइम सेट करें.

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First published on: Sep 08, 2026 05:48 PM

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About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.

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