---विज्ञापन---

दुनिया के वो 5 मुल्क जहां नहीं मौजूद है लिखित संविधान, फिर कैसे चलता है शासन?

Constitution: हम सभी इस बात से वाकिफ हैं कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र हैं जहां एक लिखित संविधान मौजूद है, जिसके निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर हैं. लेकिन दुनिया के कुछ मुल्क ऐसे भी हैं जहां रिटेन कॉन्स्टिट्यूशन मौजूद नहीं है.

---विज्ञापन---

Countries Without A Single Written Constitution: भारत 26 जनवरी 2027 को अपना 78वां गणतंत्र दिवस मनाएगा, जो 1950 में संविधान को अपनाने की याद दिलाता है. रिपब्लिक डे के मौके पर अक्सर हमें संविधान की अहमियत का पता चलता है, जिसके जरिए देश का शासन चलाया जाता है. इंडिया की तरह ज्यादातर मुल्कों में एक ही लिखित संवैधानिक दस्तावेज होता है, लेकिन कुछ कंट्रीज की बात अलग है. आज हम उन 5 देशों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां रिटेन कॉन्स्टिट्यूशन अवेलेबल नहीं है.

1. सऊदी अरब

सऊदी अरब इस्लामी सिद्धांतों पर आधारित संवैधानिक ढांचे का पालन करता है. कुरान और सुन्नत इसकी कानूनी और शासन प्रणाली की नींव बनाते हैं. देश में 1992 में पेश किया गया बेसिक लॉ ऑफ गर्वनेंस भी है, साथ ही शाही फरमान और दूसरे नियम भी हैं. इसलिए ये किसी एक पारंपरिक लिखित संविधान के तहत काम नहीं करता है.

---विज्ञापन---

2. यूनाइटेड किंगडम

यूनाइटेड किंगडम के बारे में आमतौर पर कहा जाता है कि उसका संविधान ‘अनरिटेन’ या ‘अनकोडिफाइड’ है. इसका संवैधानिक ढांचा किसी एक दस्तावेज में समाहित नहीं है. इसके बजाय ये संसदीय कानूनों, अदालती फैसलों, राजनीतिक परंपराओं और हिस्टॉरिक प्रैक्टिसेज के जरिए हुआ है. दिलचस्प बात ये है कि जो मुल्क ब्रिटेन से आजाद हुए हैं, उन में से ज्यादातर के पास लिखित संविधान है.

3. इजरायल

1948 में बना इजरायल ने मूल रूप से आजादी के तुरंत बाद एक औपचारिक संविधान अपनाने की प्लानिंग बनाई थी. हालांकि असहमति के कारण एक ही संवैधानिक दस्तावेज को आखिरी रूप नहीं दिया जा सका. इसके बजाय, इजरायल ने ‘बेसिक लॉ’ का एक कलेक्शन डेवलप किया जो अहम संवैधानिक नियमों के तौर पर काम करते हैं और शासन के लिए ढांचा देते हैं.

---विज्ञापन---

4. कनाडा

कनाडा में कोडिफाइड और अनकोडिफाइड दोनों तरह के कॉन्स्टिट्यूशन एलिमेंट्स मौजूद हैं. अहम लिखित कंपोनेंट्स में संविधान अधिनियम, 1867 और संविधान अधिनियम, 1982 शामिल हैं. साथ ही, संवैधानिक परंपराएं और स्थापित प्रथाएं ये तय करने में अहम भूमिका निभाती हैं कि देश की पॉलिटिकल सिस्टम कैसे काम करता है.

5. न्यूजीलैंड

न्यूजीलैंड का भी कोई एक कोडिफाइड कॉन्स्टिट्यूशन नहीं है. इसकी संवैधानिक व्यवस्थाएं कई सोर्सेज से ली गई हैं, जिनमें संविधान अधिनियम 1986, दूसरे संसदीय कानून, कानूनी फैसले और स्थापित परंपराएं शामिल हैं. हालांकि लिखित संविधान न होने के बावजूद ये एक शांतिप्रिय देश है.

---विज्ञापन---

First published on: Aug 25, 2026 09:19 PM

End of Article

About the Author

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola