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गुजरात में मुंद्रा पोर्ट और SEZ में खाली कंटेनर यार्ड बनाएगा APSEZ, एम्बिशन 2031 के तहत होगा इन्वेस्टमेंट

एम्बिशन 2031 के तहत इन्वेस्टमेंट करके अडाणी ग्रुप का वेंचर APSEZ गुजरात में मुंद्रा पोर्ट और SEZ में खाली कंटेनर यार्ड बनाएगा, एंड-टू-एंड सर्विस देगा, जिसमें स्टोरेज, मेंटेनेंस, इंस्पेक्शन, एक्सपोर्टर्स और CFS तक आसानी से आवाजाही शामिल है.

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भारत की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) FY26 तक भारत के कंटेनर मार्केट में 45.5% हिस्सेदारी रखती है. इसमें गुजरात का मुंद्रा पोर्ट अकेले देशभर के कंटेनर ट्रेड का लगभग 35% हिस्सा संभालता है, जिससे यह भारत का सबसे बड़ा कंटेनर-हैंडलिंग पोर्ट बन जाता है. मुंद्रा पोर्ट में संभाले जाने वाले खाली कंटेनरों की मात्रा सालाना 1.6 मिलियन TEU होने का अनुमान है, जो भारत की इंपोर्ट-एक्सपोर्ट सप्लाई चेन को सपोर्ट करने में इसकी अहम भूमिका को दर्शाता है.

6 मिलियन TEU से ज्यादा कंटेनर कैपेसिटी का टारगेट

‘एम्बिशन 2031’ रोडमैप के तहत APSEZ अपने नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े निवेश कर रहा है, जिसमें मुंद्रा पोर्ट सबसे आगे है. कंपनी अगले 5 वर्षों में 6 मिलियन TEU से ज्यादा कंटेनर हैंडलिंग क्षमता जोड़ने की योजना बना रही है. इस विजन को सपोर्ट करते हुए APSEZ मुंद्रा में इंटीग्रेटेड वेयरहाउसिंग के साथ एक खास ‘खाली कंटेनर यार्ड’ (ECY) शुरू कर रहा है. यह यार्ड खाली कंटेनर के पूरे लाइफसाइकिल में एंड-टू-एंड सर्विस देगा, जिसमें स्टोरेज, मेंटेनेंस, इंस्पेक्शन, एक्सपोर्टर्स और CFS तक आसानी से आवाजाही शामिल है.

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कंटेनर यार्ड कंटेनर इको-सिस्टम को मजबूत बनाएगा

APSEZ के होल-टाइम डायरेक्टर और CEO अश्वनी गुप्ता ने कहा कि मुंद्रा पोर्ट में APSEZ और पार्टनर्स (जिसमें CFS और शिपिंग लाइनें शामिल हैं) के द्वारा चलाया जाने वाला खास खाली कंटेनर यार्ड कंटेनर इको-सिस्टम में दक्षता को बढ़ाएगा. इससे काम तेजी से होगा, कंटेनर की अनावश्यक आवाजाही कम होगी और लॉजिस्टिक्स लागत बेहतर होगी. वहीं ट्रेड को बढ़ावा देने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना भारत के विकास और 2047 के ‘विकसित भारत’ के विजन को सपोर्ट करने के लिए APSEZ की प्रतिबद्धता का मुख्य हिस्सा है.

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‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बेहतर बनाने पर फोकस

वहीं APSEZ की यह पहल केंद्र सरकार के कुशल, टेक्नोलॉजी बेस्ड लॉजिस्टिक्स सिस्टम को विकसित करने और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (कारोबार में आसानी) को बेहतर बनाने के फोकस के अनुरूप है. मुंद्रा पोर्ट SEZ में खाली कंटेनर ऑपरेशन लाने से यह सुविधा कस्टम अधिकारियों, शिपिंग लाइनों, टर्मिनल ऑपरेटरों और ट्रांसपोर्टरों के बीच और बेहतर तालमेल बनाने में भी मदद करेगी. बता दें कि APSEZ ग्लोबल लेवल पर फैले मशहूर बिजनेस इंडस्ट्री अडानी ग्रुप का एक हिस्सा है और देश का प्रमुख इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर है.

APSEZ इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स समाधान प्रदाता कंपनी

APSEZ कार्गो ओरिजिनेशन (इंटरनेशनल फ्रेट नेटवर्क) से लेकर पोर्ट हैंडलिंग, रेल ट्रांसपोर्ट, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयर हाउसिंग और सड़क मार्ग से कस्टमर गेट तक अंतिम डिलीवरी तक की सेवाएं देता है. अत्याधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और AI-आधारित ऑप्टिमाइजैशन से समर्थित यह व्यापक शोर-टू-डोर (बंदरगाह से दरवाजे तक) की क्षमता, APSEZ को भारत की प्रमुख इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स समाधान प्रदाता बनाती है. कंपनी भारत के पश्चिमी, दक्षिणी और पूर्वी तटों पर रणनीतिक रूप से स्थित 16 बंदरगाहों और टर्मिनलों का इकोसिस्टम है.

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APSEZ के 4 बड़े देशों में 4 इंटरनेशनल पोर्ट वर्किंग

APSEZ के पास 136 जहाजों का मरीन फ्लीट, 12 मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, 3.1 मिलियन वर्ग फुट वेयरहाउस और अपने प्लेटफॉर्म पर चलने वाले 25000 से अधिक ट्रक जैसी इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स क्षमताएं हैं. यह तटीय क्षेत्रों और भीतरी इलाकों (हिंटरलैंड) दोनों से भारी मात्रा में कार्गो को संभालने में सक्षम है. APSEZ ऑस्ट्रेलिया, कोलंबो, इजरायल, तंजानिया में 4 अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह भी संचालित करता है. 653 मिलियन टन प्रति वर्ष की कार्गो हैंडलिंग क्षमता के साथ APSEZ भारत के कुल पोर्ट वॉल्यूम का लगभग 27% संभालता है और 2030 तक 1 बिलियन टन थ्रूपुट का लक्ष्य रखता है.

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2025 S&P ग्लोबल कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट में दुनिया की शीर्ष 5% ट्रांसपोर्टेशन और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में शामिल (वैश्विक स्तर पर 95वां परसेंटाइल) और वर्ल्ड बैंक के कंटेनर पोर्ट परफॉर्मेंस इंडेक्स 2024 में करीब 5 बंदरगाहों के साथ, APSEZ निर्बाध वैश्विक व्यापार को संभव बनाने के लिए बड़े पैमाने, बेहतरीन संचालन और इंटीग्रेटेड क्षमताओं का मेल करता है.

First published on: Sep 04, 2026 10:50 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.

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