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केंद्रीय मंत्री के बेटे ने POCSO केस में किया सरेंडर! पुलिस ने कहा- ‘हमने पकड़ा’

Union Minister son pocso case: केंद्रीय मंत्री बंदी संजय के बेटे बंदी भागीरथ को तेलंगाना पुलिस ने POCSO मामले में दबोच लिया है. पुलिस और मंत्री के दावों में बड़ा टकराव दिख रहा है. लुकआउट नोटिस जारी होने के कुछ ही घंटों बाद यह कार्रवाई हुई.

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Union Minister son pocso case: केंद्रीय राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी भागीरथ साई को तेलंगाना की साइबराबाद पुलिस ने POCSO (पॉक्सो) मामले में शनिवार को हिरासत में ले लिया है. इस मामले में पुलिस और केंद्रीय मंत्री के बयानों में भारी अंतर देखने को मिल रहा है. एक तरफ जहां केंद्रीय मंत्री बंदी संजय ने दावा किया है कि उन्होंने खुद अपने बेटे को जांच के लिए पुलिस के हवाले किया है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस का कहना है कि यह कोई सरेंडर नहीं है, बल्कि आरोपी को बाकायदा टीम भेजकर पकड़ा गया है.

नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न का आरोप

दरअसल, 17 साल की एक नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न के आरोप में बंदी भागीरथ के खिलाफ हैदराबाद के पेटबशीरबाद थाने में केस दर्ज है. पुलिस ने शनिवार सुबह ही भागीरथ के खिलाफ देश छोड़कर भागने से रोकने के लिए लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया था. इसके साथ ही आरोपी की तलाश में पुलिस की चार टीमें लगाई गई थीं, जिन्होंने मंत्री के ठिकानों पर छापेमारी भी की थी.

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यह सरेंडर नहीं, पुलिस ने पकड़ा: कमिश्नर

शनिवार रात को हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद साइबराबाद के पुलिस कमिश्नर ने साफ किया कि आरोपी बंदी भागीरथ को हैदराबाद के बाहरी इलाके से पकड़ा गया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही सरेंडर की खबरों का खंडन करते हुए कहा, “यह आत्मसमर्पण नहीं है, हमारी टीम ने उसे पकड़ा है और कानूनी प्रक्रिया के लिए थाने लाया गया है.”

कानून के सामने सब बराबर: केंद्रीय मंत्री

इस बीच केंद्रीय मंत्री बंदी संजय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर ‘सत्यमेव जयते’ लिखते हुए एक पोस्ट शेयर किया. उन्होंने लिखा, “कानून और न्यायपालिका का सम्मान करते हुए आज मेरे बेटे बंदी भागीरथ को हमारे वकीलों के जरिए जांच के लिए पुलिस के सामने पेश किया गया. मेरा हमेशा से मानना है कि कानून के सामने सब बराबर हैं, चाहे वह मेरा बेटा हो या कोई आम नागरिक.” मंत्री ने आगे कहा कि उनके बेटे ने कोई गलती नहीं की है और उन्हें देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है. फिलहाल पुलिस आरोपी का मेडिकल टेस्ट कराने और स्थानीय मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की तैयारी में जुटी है.

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First published on: May 16, 2026 10:36 PM

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About the Author

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.

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