PM मोदी और शी जिनपिंग के बीच 50 मिनट तक चली मीटिंग, द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर जोर
पीएम मोदी ने कहा, 'ब्रिक्स समिट में आपके सकारात्मक वक्तव्य के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद. भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान चीन से मिले समर्थन और सहयोग के लिए मैं आपका आभार व्यक्त करता हूं.
Written By: Shariqul Hoda|Updated: Sep 12, 2026 19:31
Edited By : Shariqul Hoda|Updated: Sep 12, 2026 19:31
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नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग (Photo-PTI)
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PM Narendra Modi-Xi Jinping Meeting: दिल्ली के भारत मंडपम में ब्रिक्स समिट 2026 के पहले दिन का कार्यक्रम खत्म होने के बाद भारत और चीन के टॉप लीडर्स नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच बाइलेट्रल मीटिंग हो रही है. दोनों देशों के बीच के रिश्तों के लिहाज से इसे बेहद अहम माना जा रहा है. पिछले 7 साल में शी पहली बार भारत आए हैं और इस मुलाकात को गलवान घाटी झड़प के बाद तनाव कम करने और रिश्ते सुधारने की कोशिशों के तौर पर देखा जा रहा है.
पीएम मोदी ने जताया चीन का आभार
पीएम मोदी ने कहा, ‘ब्रिक्स समिट में आपके सकारात्मक वक्तव्य के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद. भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान चीन से मिले समर्थन और सहयोग के लिए मैं आपका आभार व्यक्त करता हूं. अब हमें द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा करने का मौका मिल रहा है. एक बार फिर भारत में आपका स्वागत है.’
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VIDEO | Delhi: PM Modi, Chinese President Xi hold bilateral talks on sidelines of BRICS summit 2026.
पीएम मोदी के जवाब में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने आपसी चिंतन, आपसी सफलता, संयुक्त विकास पर जो दिया उन्होंने कहा कि चीन और भारत दुनिया में सबसे बड़ी आबादी वाले देश हैं. इसके पीछे एक अहम मकसद है. दोनों देश मानवता के भविष्य के लिए उम्मीद जगाना चाहते हैं, लोगों की भलाई का लक्ष्य रखते हैं और देशों के बीच हाई क्वालिटी वाले डेवलपमेंट को मिलकर बढ़ावा देना चाहते हैं. एक न्यायपूर्ण और मल्टीपावर दुनिया और आर्थिक वैश्वीकरण को बढ़ावा देना; साथ ही विश्व शांति, स्थिरता और विकास को आगे बढ़ाना हमारा लक्ष्य है.
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शी ने शांति में रोल अदा करने की अपील की
इस मीटिंग से पहले चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिक्स देशों से पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच शांति की कोशिशों में योगदान देने की गुजारिश की और कहा कि मौजूदा संकट अंतरराष्ट्रीय समुदाय के हित में नहीं है. गौरतलब है कि ईरान के साथ इजरायल और अमेरिका पिछले कई महीनों से जंग कर रहे हैं, जिससे ग्लोबल इकॉनमी को काफी नुकसान पहुंचा है.
पीएम मोदी ने दिया रोडमैप
इस बीच, पीएम मोदी ने वैश्विक शासन में सुधार के लिए 10 उपाय सुझाए. उन्होंने सलाह दी कि ब्रिक्स सदस्य अगले शिखर सम्मेलन तक इन प्रस्तावों को एक ‘ब्रिक्स सुधार रोडमैप’ का रूप दें. पीएम मोदी ने वैश्विक फैसले लेने की प्रक्रिया में ‘ग्लोबल साउथ’ को बड़ी भूमिका देने की भी अपील की और कहा कि विकासशील देशों को ‘नियम मानने वालों’ (Ruletakers) से ‘नियम बनाने वालों’ (Rule shapers) की भूमिका में आना चाहिए।