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‘हर कदम पर नजर…’, ट्रंप के टैरिफ पर US सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर आया भारत सरकार का बयान

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट द्वारा अमेरिकी टैरिफ पर दिए गए अहम फैसले के बाद भारत ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा है कि उसने अदालत के फैसले को नोट किया है और वॉशिंगटन की अगली नीतिगत गतिविधियों का अध्ययन किया जा रहा है. मंत्रालय के अनुसार, अदालत के आदेश और अमेरिकी प्रशासन की घोषणाओं के असर को समझने के बाद ही कोई ठोस रूख अपनाया जाएगा.

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अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट द्वारा अमेरिकी टैरिफ पर दिए गए अहम फैसले के बाद भारत ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा है कि उसने अदालत के फैसले को नोट किया है और वॉशिंगटन की अगली नीतिगत गतिविधियों का अध्ययन किया जा रहा है. मंत्रालय के अनुसार, अदालत के आदेश और अमेरिकी प्रशासन की घोषणाओं के असर को समझने के बाद ही कोई ठोस रूख अपनाया जाएगा.

केंद्रीय मंत्री पह्लाद जोशी ने भी कहा है कि भारत इस फैसले की विस्तृत समीझा करेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि वाणिज्य मंत्रालय या विदेश मंत्रालय कानूनी पहलुओं के समझने के बाद आधिकारिक प्रतिक्रिया देगा. उन्होंने आगे कहा कि सरकार इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

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मिनिस्ट्री ने कहा, ‘हमने कल (शुक्रवार) टैरिफ पर US सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ध्यान दिया है. US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस बारे में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की है.’ वहीं, सरकार ने कहा कि वह इन सभी डेवलपमेंट की बारीकी से जांच कर रही है ताकि उनके संभावित असर को समझा जा सके.

US सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को बताया गैर-कानूनी

बता दें कि सरकार का यह बयान US सुप्रीम कोर्ट द्वारा शुक्रवार को प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को “गैर-कानूनी” बताए जाने के बाद आया है. सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के फैसले में निचली अदालत के उस फैसले को सही ठहराया जिसमें कहा गया था कि US प्रेसिडेंट ने टैरिफ की घोषणा करते समय 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का इस्तेमाल करके अपनी पावर का गलत इस्तेमाल किया. जजों ने यह नतीजा निकाला कि एक्ट ने ट्रंप को वह अधिकार नहीं दिया जिसका उन्होंने टैरिफ लगाने का दावा किया था.

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रिश्तों पर नहीं पड़ेगा असर, ट्रंप ने किया दावा

फैसले के बावजूद ट्रंप ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समीकरण में कोई बदलाव नहीं होगा. उनका दावा है कि टैरिफ संतुलन के लिए लगाए गए थे और अमेरिका को अब नुकसान नहीं होगा. उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने उनके अनुरोध पर रूस से तेल खरीद में कमी की. हालांकि भारत ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है. इस मामले में भारत का हमेशा से ये कहना रहा है कि उसकी ऊर्जा नीति राष्ट्रीय हित और बाजार परिस्थितियों पर आधारित है.

First published on: Feb 21, 2026 06:39 PM

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About the Author

Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.

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