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कौन हैं सार्थक सिद्धांत? खुद के दम पर बने टेक एक्सपर्ट, जिन्होंने खोली CBSE के ऑनलाइन चेकिंग सिस्टम की पोल

17 साल के सार्थक सिद्धांत की सबसे खास बात यह है कि उन्होंने किसी नामी संस्थान से कोडिंग या कंप्यूटर साइंस की कोई औपचारिक डिग्री नहीं ली है. वे एक खुद से सीखकर टेक एक्सपर्ट बने हैं.

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सीबीएसई इन दिनों अपने ऑनलाइन इवैल्यूएशन सिस्टम – ‘ऑनलाइन स्क्रीन मार्किंग’ में आई एक बड़ी तकनीकी खामी को लेकर चर्चा में है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश के सबसे बड़े शिक्षा बोर्ड के इस हाई-टेक सिस्टम की पोल किसी बड़े साइबर एक्सपर्ट या सरकारी एजेंसी ने नहीं, बल्कि एक खुद के दम पर सीखे टेक उत्साही और व्हिसलब्लोअर सार्थक सिद्धांत ने खोली है.

आईटी, डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में गहरी रुचि रखने वाले सार्थक की कहानी इन दिनों डिजिटल मीडिया और टेक वर्ल्ड में जमकर सुर्खियां बटोर रही है.

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क्या है पूरा मामला और कैसे हुआ खुलासा?

दरअसल, सीबीएसई ने कॉपियों के मूल्यांकन को पारदर्शी और तेज बनाने के लिए OSM सिस्टम लागू किया था. सार्थक सिद्धांत ने इस डिजिटल सिस्टम में एक गंभीर सुरक्षा चूक को ढूंढ निकाला. उन्होंने पाया कि इस खामी की वजह से कोई भी अनधिकृत व्यक्ति छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं, उनके अंकों और बेहद संवेदनशील डेटा तक आसानी से पहुंच बना सकता था.

सार्थक ने केवल इस कमी को ढूंढा ही नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक और टेक एक्सपर्ट के नाते इसकी पूरी जानकारी और सबूत सीबीएसई के उच्च अधिकारियों को सौंपे. शुरुआत में बोर्ड ने इसे हल्के में लिया, लेकिन जब सार्थक ने तकनीकी प्रमाणों के साथ इस व्हिसलब्लोअर भूमिका को निभाया, तो बोर्ड को अपनी गलती माननी पड़ी और आनन-फानन में सिस्टम को ठीक करने के लिए कदम उठाने पड़े.

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बिना किसी डिग्री के बने कोडिंग और AI के उस्ताद

17 साल के सार्थक सिद्धांत की सबसे खास बात यह है कि उन्होंने किसी नामी संस्थान से कोडिंग या कंप्यूटर साइंस की कोई औपचारिक डिग्री नहीं ली है. वे एक खुद से सीखकर टेक एक्सपर्ट बने हैं. इंटरनेट, यूट्यूब और ओपन-सोर्स कोडिंग प्लेटफॉर्म्स की मदद से उन्होंने डेटा साइंस, एआई और साइबर सुरक्षा की पेचीदा बारीकियों को सीखा है. उनके दोस्तों और करीबियों के मुताबिक, सार्थक घंटों कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठकर नई तकनीकों और एल्गोरिदम को समझने में बिताते हैं.

सार्थक के माता-पिता का संबंध कंप्यूटर इंजीनियरिंग से रहा है. इसके अलावा उनके पिता एक कंप्यूटर एकेडमी भी चलाते हैं. हिंदुस्तान टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि सार्थक मात्र तीन साल की उम्र में ही माउस चलाने लगे थे. उन्होंने क्लास 6 से ही कंप्यूटर प्रोग्रामिंग सीखना शुरू कर दिया था. उन्होंने कक्षा 12 में कंप्यूटर साइंस, फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ और अंग्रेजी की पढ़ाई की है.

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First published on: Jun 04, 2026 08:21 PM

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About the Author

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.

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