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जैमर को चकमा देकर बाहर बैठे सॉल्वर को भेजते थे पेपर! SSC कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में धांधली में फरार लोकेश दबोचा गया

एसटीएफ ने 30 जुलाई को राजस्थान के अलवर से आरोपी लोकेश को गिरफ्तार किया. वह इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए गिरोह का सक्रिय सदस्य था और लंबे समय से फरार चल रहा था. (मोहम्मद युसुफ की रिपोर्ट)

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उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की कांस्टेबल (GD) भर्ती परीक्षा-2026 में हाईटेक तरीके से धांधली कराने वाले गिरोह के एक और वांछित सदस्य को गिरफ्तार किया है. एसटीएफ ने 30 जुलाई को राजस्थान के अलवर से आरोपी लोकेश को गिरफ्तार किया. वह इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए गिरोह का सक्रिय सदस्य था और लंबे समय से फरार चल रहा था.

एसटीएफ के मुताबिक, लोकेश के घर से परीक्षा में नकल कराने के लिए इस्तेमाल होने वाले हाईटेक उपकरणों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ है. बरामद सामान में 92 मॉडिफाइड TFT स्क्रीन (जिनमें रास्पबेरी पाई इंस्टॉल थी), 45 वीजीए कार्ड, 20 वीजीए-टू-एचडीएमआई कार्ड, 14 रास्पबेरी पाई डिवाइस, मेमोरी कार्ड, वाई-फाई डोंगल, वीजीए स्विच, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं.

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यह मामला 22 मई 2026 को सामने आया था, जब ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित एक परीक्षा केंद्र पर एसटीएफ ने छापा मारकर सेंटर संचालक प्रदीप चौहान, हैकर अमित राणा समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था. उस दौरान करीब 50 लाख रुपये नकद और प्रॉक्सी सर्वर सहित कई उपकरण भी बरामद किए गए थे. जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में लोकेश का नाम सामने आया था.

पूछताछ में लोकेश ने बताया कि उसने कंप्यूटर हार्डवेयर और नेटवर्किंग का प्रशिक्षण लिया था और पिछले कई वर्षों से विभिन्न राज्यों में परीक्षा माफियाओं को मॉडिफाइड TFT स्क्रीन बनाकर सप्लाई कर रहा था. उसने खुलासा किया कि एक स्क्रीन तैयार करने में लगभग 40 हजार रुपये खर्च होते हैं और वह प्रति स्क्रीन 5 हजार रुपये अतिरिक्त मेहनताना लेता था.

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एसटीएफ के अनुसार, ये मॉडिफाइड स्क्रीन सामान्य TFT की तरह दिखाई देती थीं, लेकिन इनके जरिए परीक्षा केंद्र के बाहर बैठे सॉल्वर तक प्रश्नपत्र लाइव स्ट्रीम कर दिए जाते थे. वाई-फाई डोंगल और विशेष राउटर की मदद से जैमर को भी चकमा दिया जाता था. पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है.

First published on: Jul 31, 2026 07:32 PM

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About the Author

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.

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