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सेक्स, ड्रग्स और ‘भोंदू बाबा’ का खौफनाक जाल! महानगर पालिका का पूर्व अधिकारी अरेस्ट; ऐसे फंसाई जाती थीं महिलाएं

इस केस ने अब एक और खौफनाक एंगल ले लिया है. पुलिस जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह मामला सिर्फ एक महिला के शोषण तक सीमित नहीं हो सकता. (वसंत चौहान की रिपोर्ट)

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ठाणे महानगरपालिका के गलियारों से निकला एक मामला अब महाराष्ट्र की सियासत और प्रशासनिक हलकों में सनसनी बन चुका है. सेक्स, नशीली दवा, अश्लील वीडियो, ब्लैकमेल और कथित ‘भोंदू बाबा’ के कनेक्शन ने इस केस को महज रेप केस नहीं, बल्कि एक संभावित शोषण रैकेट की शक्ल दे दी है. ठाणे महानगरपालिका के विवादित पूर्व अधिकारी महेश आहेर को 17 दिनों की फरारी के बाद आखिरकार पुलिस ने दबोच लिया. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आहेर को कोल्हापुर के एक लॉज से गिरफ्तार किया गया, जहां वह पहचान छिपाकर रह रहा था. शुक्रवार को ठाणे कोर्ट में पेशी के बाद अदालत ने उसे 11 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है.

‘भोंदू बाबा’ के दरबार से शुरू हुई डरावनी कहानी

पीड़िता, जो महापालिका में कार्यरत महिला कर्मचारी बताई जा रही है, ने पुलिस को दिए बयान में कई सनसनीखेज आरोप लगाए हैं. महिला का दावा है कि महेश आहेर उसे नाशिक ले गया था, जहां उसकी मुलाकात कथित ‘भोंदू बाबा’ अशोक खरात से करवाई गई. यहीं से शुरू हुआ कथित शोषण का वह सिलसिला, जिसने अब पुलिस को भी चौंका दिया है.

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आरोप है कि महिला को ठंडे पेय में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया. इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया गया और पूरे घटनाक्रम के आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड किए गए.पीड़िता का आरोप है कि बाद में इन्हीं वीडियो को हथियार बनाकर उसे लगातार ब्लैकमेल किया गया. डर, बदनामी और धमकियों के साए में उसका शोषण जारी रखा गया.

कोल्हापुर के लॉज में छिपा मिला

जैसे ही मामला दर्ज हुआ, महेश आहेर अचानक गायब हो गया. ठाणे पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी थीं. आखिरकार पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी कोल्हापुर के एक लॉज में छिपा बैठा है. इसके बाद स्थानीय अपराध शाखा और ठाणे पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया. सूत्र बताते हैं कि गिरफ्तारी के वक्त भी आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था, ताकि पुलिस को चकमा दे सके.

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अब पुलिस को ‘बड़े खेल’ की आशंका

इस केस ने अब एक और खौफनाक एंगल ले लिया है. पुलिस जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह मामला सिर्फ एक महिला के शोषण तक सीमित नहीं हो सकता. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या महिलाओं को फंसाकर उनके वीडियो बनाना और फिर ब्लैकमेल करना किसी संगठित गिरोह का हिस्सा था?

पुलिस अब कई सवालों के जवाब खंगाल रही है.

  • नशीली दवा किसने उपलब्ध कराई?
  • वीडियो कहां रिकॉर्ड किए गए?
  • क्या वीडियो के जरिए पैसों या अन्य फायदे के लिए दबाव बनाया जाता था?
  • क्या इस जाल में और भी महिलाएं फंस चुकी हैं?

कई बड़े खुलासों के संकेत

सूत्रों की मानें तो जांच एजेंसियों के हाथ कुछ ऐसे इनपुट लगे हैं, जिनसे इस केस में कई और नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है. पुलिस अब आरोपी के मोबाइल, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा और कथित वीडियो नेटवर्क की जांच में जुटी है.

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First published on: May 08, 2026 07:24 PM

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About the Author

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.

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